उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक विशेश्वरगंज , ग्राम गंगा जामनी से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी भानु प्रताप द्विवेदी से बात किया ,उन्होंने बताया कि महिलाओं के नाम से संपत्ति होनी चाहिए ताकि उनका सशक्तिकरण बढ़े। महिलाओं को घर पर ही बैठे नहीं रहना चाहिए,उन्हें खेतो में जाकर काम करना चाहिए। महिलाओं को भी पुरुष के बराबर दर्जा मिलना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम ग्राम गंगापुर के निवासी ललिता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने ने बताया की गाँव का विकास तभी हो सकता है जब ग्रामीण शिक्षित होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों तक पहुँच के साथ महिलाओं को सशक्त बनाना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा दे सकता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी राधा राम से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि शिक्षित होने से महिलाएं अपने गांव के विकास को बढ़ा सकती हैं और अपने जीवन को भी बेहतर बना सकती हैं।महिलाओं को खेतों में काम करने पर मजदूरी नहीं मिलती लेकिन दूसरों के खेतो में खेती करने पर उन्हें मजदूरी मिलती है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें शिक्षित होना होगा। शिक्षित होने से महिलाएं समाज में आगे बढ़ सकती हैं और अपना जीवन बेहतर बना सकती है।महिलाओं को स्वतंत्र होना होगा तभी उनका आत्मबल बढ़ेगा

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी लता कुमारी से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को खेतों में काम करने पर मजदूरी नहीं मिलती लेकिन दूसरों के खेतो में खेती करने पर उन्हें मजदूरी मिलती है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें शिक्षित होना होगा। शिक्षित होने से महिलाएं समाज में आगे बढ़ सकती हैं और अपना जीवन बेहतर बना सकती है।

इस एपिसोड में जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों को एक किसान परिवार की कहानी के माध्यम से दिखाया गया है। बदलते मौसम पैटर्न, अनियमित वर्षा, और कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई है। साथ ही, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समुदाय-स्तर पर कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है।

पानी में आर्सेनिक, लोह तत्व और दूसरे घातक पदार्थों की मात्रा महिलाओं के स्वास्थ्य पर सबसे बुरा असर कर रही है और फिर यही असर गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म या फिर कुपोषण के रूप में सामने आ रहा है. साथियों, हमें बताएं कि आपके परिवार में अगर कोई गर्भवति महिला या नवजात शिशु या फिर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें पीने का पानी देने से पहले किस प्रकार साफ करते हैं? अगर डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों और महिलाओं को पीने का साफ पानी दें, तो आप उसकी व्यवस्था कैसे कर रहे हैं? क्या आंगनबाडी केन्द्र, एएनएम और आशा कार्यकर्ता आपको साफ पानी का महत्व बताती हैं? और ये भी बताएं कि आप अपने घर में किस माध्यम से पानी लाते हैं यानि बोरवेल, चापाकल या कुएं और तालाबों से?

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम ग्राम गंगापुर के निवासी मुकेश आनंद पांडे से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने ने बताया की महिलाओं का विकास भी संभव है और ऐसा नहीं है कि उन्हें प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। जब आपके पास समान अधिकार होते हैं तो आपको उतनी ही पारदर्शिता मिलती है,महिलाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य और आर्थिक अवसर प्रदान करके ग्रामीण विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है, इसमें सरकार का पूरा योगदान होना चाहिए। जो महिलाएं शिक्षित और बेरोज़गार है और घर पर बैठी हैं, वे अपने रोजगार को बढ़ावा दे सकती हैं।पहले महिलाओं का शोषण होता था, लेकिन जो नई सरकारें आ रही हैं, उन्होंने ऐसा प्रावधान किया है, जिसके लालच में व्यक्ति सब महिलाओं के नाम करता है

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम ग्राम गंगापुर की निवासी सरिता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया की महिलाओं को भी भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा देकर गाँव का विकास हो सकता है

नाम विशाल सिंह पिता का नाम विजय सिंह ब्लाक हुजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक हुजूरपुर , ग्राम लौकाही बाजार से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी राजकुमार पिता से बात किया, उन्होंने बताया कि महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए ,क्योंकि अपनी आजीविका चलाने के लिए उनके पास भूमि होना आवश्यक है ,शिक्षित महिलाओं को भूमि के अधिकार और रोजगार के बारे में जागरूकता मिलनी चाहिए।