क्या आप जानते है कि गुस्से से नहीं बल्कि शांत रहकर ही हम बच्चे का व्यवहार सही रख सकते है। धैर्य से काम लेंगे तो हमारे साथ बच्चों का रिश्ता मीठा होता चला जाएगा। कार्यक्रम सुनिए और अपने नन्हे-मुन्नों के अनुभवों को रिकॉर्ड कीजिये, फ़ोन में नंबर 3 दबाकर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शशि पांडेय से साक्षात्कार लिया।शशि पांडेय ने बताया कि बेटी को जमीन में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। बेटी को धन दे कर शादी कर दी जाती है। इस प्रकार उसे उसका हिस्सा दे दिया जाता है । बेटी अपना हिस्सा ले कर अपने घर चली जाती है और यहां जो भी होता है बेटों के लिए होता है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगापुर के रहने वाले जोखनलाल वर्मा से बातचीत की। उन्होंने बताया कि बेटियों का हक़ भूमि पर जरूर है मगर उनकी शादी में काफी खर्चा आएगा इसलिए जहाँ उनकी शादी होगी वही उनका अधिकार भी होगा। बेटियां इसलिए भी अपना अधिकार नहीं लेना चाहती है क्योंकी शादी के बाद उन्हें लगता है की उनका रिश्ता अब दूसरे घर से जुड़ गया है। भाई बहन के रिश्ते को लेकर वो काफी सोचते है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के प्रखंड पयागपुर ग्राम कटेल से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अरुण कुमार से साक्षात्कार लिया।अरुण कुमार ने बताया कि सरकार महिलाओं को अच्छी शिक्षा और व्यवस्था दे तभी महिलायें आगे बढ़ पाएंगी। आज महिलायें सारे कार्य करने में सक्षम है इसलिए सरकार को महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए। शिक्षित और जागरूक महिलाओं को समाज में आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। योग्यता के आधार पर महिलायें कोई भी काम कर सकती है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला मौजा पुरैना से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जय पांडेय से साक्षात्कार लिया।जय पांडेय ने बताया कि सरकार महिलाओं को जागरूक करने के लिए बहुत सी सुविधाएं दे रही है। जीविका समूह के माध्यम से सरकार महिलाओं को सहायता राशि भी प्रदान कर रही है। महिलाओं को भूमि में अधिकार मिलना चाहिए, जिस प्रकार पुरुषो का अधिकार है भूमि पर ,उसी प्रकार महिलाओं को भी भूमि में अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रमेश तिवारी से साक्षात्कार लिया।रमेश तिवारी ने बताया कि रोजगार के लिए महिलाओं की स्वतः कार्य करने की शैली को बढ़ाना चाहिए। खुद का उद्योग स्थापित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए। जैसे-मोमबत्ती,अगरबत्ती,फुलबत्ती,इत्यादि बनाने का काम करना चाहिए। इससे अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा। साथ ही महिलाओं को शिक्षित एवं प्रोत्साहित करना जरुरी है।उन के लिए ऋण एवं प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
भूमि का मालिकाना हक़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करता है। वे खेती कर सकती हैं, फसल उगा सकती हैं और बेच सकती हैं, या जमीन को पट्टे पर देकर आय प्राप्त कर सकती हैं। इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने और वित्तीय सुरक्षा हासिल करने में मदद मिलती है।भूमि पर अधिकार होने से महिलाओं को अपने जीवन और भविष्य के फैसले लेने की शक्ति मिलती है। वे यह तय कर सकती हैं कि जमीन का इस्तेमाल कैसे किया जाए, क्या फसल उगाई जाए और आय का कैसे प्रबंधन किया जाए। इससे उनका सामाजिक दायरा बढ़ता है और परिवार में उनकी स्थिति मजबूत होती है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को खत्म करने के लिए, जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक रीति-रिवाजों में बदलाव लाने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं? *----- लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने में पुरुषों और लड़कों की भूमिका क्या होनी चाहिए ? *----- महिलाओं के लिए सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने में मीडिया और नागरिक समाज क्या भूमिका आप देखते हैं?
