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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सोम पांडेय से साक्षात्कार लिया।सोम पांडेय ने बताया कि वर्तमान महिला भूमि अधिकार में कोई कमी नही है ,इसमें सब ठीक है। लेकिन समाज के लोगों को महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलनी चाहिए। महिलाओं को भी जमीन और प्रॉपर्टी में अधिकार मिलना चाहिए। महिला और पुरुष को बराबर हक़ मिलना चाहिए।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की खेती में अजोला की भूमिका के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
भारत में भूमि, महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण साधन है। परंतु, सदियों से चली आ रही सामाजिक-सांस्कृतिक रूढ़ियों और कानूनी बाधाओं के कारण महिलाओं की भूमि पर अधिकार सीमित रहा है। यह सीमित पहुंच न केवल महिलाओं के व्यक्तिगत विकास को रोकती है, बल्कि समाज के पुरे विकास को भी रोकती करती है। आज भी महिलाओं के पास पुरुषों की तुलना में भूमि पर बहुत कम अधिकार हैं।यह देखते हुए कि महिलाएं बड़े पैमाने पर कृषि कार्य में लगी हुई हैं और अक्सर घरेलू उपभोग के लिए भोजन की प्राथमिक उत्पादक होती हैं। भूमि पर अधिक नियंत्रण के साथ, महिलाएं अधिक पौष्टिक फसलों, अधिक उत्पादक और टिकाऊ प्रथाओं में निवेश कर सकती हैं . तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों तक पहुंच में सुधार के लिए कौन से संसाधन और सहायता प्रणालियां आवश्यक हैं? *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकार को हासिल करने में संसाधनों तक सीमित पहुंच कैसे बाधा बनती है?
इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
पानी की कमी से किसने की फसलों में कई तरह के घास और रोग हो जाते हैं जिससे किसानों की फसल के उपज में कमी हो जाती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक पयागपुर थाना पयागपुर तहसील पयागपुर गांव पटोला बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से रमाशंकर पिता का नाम रामद्वारे से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि ऐसी कई महिलाएं हैं जो बेरोजगार और गरीब हैं। इसलिए उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण योजनायें निकाली जानी चाहिए। मारे समाज में शिक्षित महिलाएं घर के अंदर बैठी हैं अगर वे बाहर नहीं निकलेंगी उन्हें जागरूक नहीं किया जाएगा तो वे आगे नहीं बढ़ पायेंगी। उनका कहना है कि हर घर में झगड़ा होता है क्युंकि बहुत घरों में केवल एक ही आदमी काम करने वाला होता है और उसे परिवार और बच्चो को पालना होता है। भारत सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही जैसे सिलाई मशीन का काम है समूह में काम है। अगर महिलाएँ हमारे समाज में अपना व्यवसाय या व्यापार नहीं करेंगी, तो हमारे समाज में गरीबी नहीं खत्म नहीं होगी।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कमलेश से साक्षात्कार लिया। कमलेश ने बताया कि सरकार महिलाओं की मदद कर रही है। समाज में महिलायें सुरक्षित नहीं है उनके साथ अत्याचार हो रहा है। वर्त्तमान सरकार के वजह से महिलाओं के स्तिथि में बहुत सुधार हुआ है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से दर्जन गाँव के निवासी विक्की से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिकाओं को भूमि का अधिकार जरूर मिलना चाहिए। महिलाओं को अगर भूमि में अधिकार मिल जाये तो वो अपना रोजगार कर सकती है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम ब्लॉक पयागपुर मौज काशी जोत गांव महेंद्र नगर से राम कुबेर से साक्षात्कार लिया। राम कुबे ने बताया कि महिलाओं को पढाई लिखाई करना चाहिए और अपना रोजगार करना चाहिए या नौकरी करना चाहिए तभी वो आगे बढ़ पाएंगी। पति के मृत्यु के बाद महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। अगर सास ससुर चाहे तो उन्हें भूमि में अधिकार मिल सकता है
