उत्तरप्रदेश राज्य थाना जिला बहराइच से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से हलीमा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं का पिता की सम्पति में शादी होने के पहले पूरा अधिकार है और शादी हो जाने के बाद भी उनका अधिकार हो जाता है .
उत्तरप्रदेश राज्य बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से अजय सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को जब तक शादी नहीं होता तब तक मायके में उनका हक होता है शादी हो जाने के बाद में ससुराल में उनका हक मिलना चाहिए। उन्हें शिक्षित होना बहुत जरूरी है । महिलाएं हर जगह आगे बढ़ रही हैं उन्हें अब कहीं पर रोका नहीं जाता है
उत्तरप्रदेश राज्य बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से तारा सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं का शादी के पहले मायके में पूरा हक होता है और शादी हो जाने के बाद में ससुराल में भूमिका या हक हो जाता है। लेकिन यदि वे चाहे तो मायके में भी अधिकार ले सकती हैं। उनका कहना है बेटी के खास दिनों जैसे मुंडन वग़ीरह में मायके तरफ से सहायता मिलता ही है। महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए हमारी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। जिसका उन्हें लाभ मिलना चाहिए। पुरूषों के डर से ग्रामीण क्षेत्रों की औरतें घर पर बैठी हुयी उन्हें निकलना चाहिए काम करना चाहिए ,आज महिलाएं सब कुछ कर सकती हैं वे नौकरी कर सकती हैं जहाज चला सकती हैं
रिपोर्टर का नाम विशाल सिंह पिता का नाम विजय सिंह ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर तहसील पयागपुर जिला बहराइच मोबाइल नंबर 8795 59 36 34
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक विशेश्वरगंज ,मौज बुढ़नी भुलैया से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजू से साक्षात्कार लिया। राजू ने बताया की लड़कियों को पैतृक संपत्ति में अधिकार नहीं मिलना चाहिए, क्युकी शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है। मायके में नहीं हो सकता ही, इससे झगड़ा होने की संभावना है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक पयागपुर ,गांव पयागपुर से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रूपरानी से साक्षातकार लिया। रूपरानी ने बताया कि बेटियों को शादी से पहले अधिकार मिलना चाहिय और शादी के बाद नहीं मिलना चाहिए। शादी के बाद उनका हक़ ससुराल में होता है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक मेरठ ,मौज मेरठ ,गांव मेरठ से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से वसीम से साक्षातकार लिया। वसीम ने बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं का हक़ दोनों तरफ है इसलिए उन्हें हक मिलना चाहिए। सभी का शिक्षित होना भी बहुत जरुरी है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक पयागपुर ,मौज गुलचाहि ,गांव गुल चाही से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बांकेलाल से साक्षात्कार लिया। बांकेलाल ने बताया कि महिलाओं का पैतृक संपत्ति में शादी न होने के पहले पूरा अधिकार है और शादी हो जाने के बाद उनका हक ससुराल में होता है। अगर लड़की का भाई नहीं है तो पैतृक संपत्ति में उनका ही अधिकार होता है। शिक्षा में दोनों का अधिकरा है , लड़का या लड़की दोनों को शिक्षित होने का अधिकारी है। जो अशिक्षित लोग है वो अपने बच्चो को नहीं पढ़ाते है, अगर महिला शिक्षित होगी तो वो अपना घर सही से नहीं चला पाएगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से बावलिया की निवासी सरिता से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं के संसाधनों और भूमि अधिकारों में सुधार के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह देखा गया है कि जो महिलाएं शिक्षित नहीं हैं, वे अक्सर भूमि अधिकारों का अनुचित लाभ उठाती हैं। इसलिए जो लोग गाँव हैं या शिक्षित ग्रामीण लोग हैं, वे सभी पीछे हटने लगते हैं कि महिलाएं कभी-कभी शादी के बाद जमीन मिलने के बाद अपना घर छोड़ देती हैं और बच्चों को भी छोड़ देती हैं। इससे यह होता है कि जो जमीन वह गलत जगह पर चली जाती है और बच्चे भी अनाथ हो जाते हैं, इसलिए भूमि के अधिकार केवल उन्हीं महिलाओं को दिए जाने चाहिए जो शिक्षित और जागरूक हैं क्योंकि महिलाओं के लिए जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है। पुरुष वर्ग महिलाओं को भूमि अधिकार देने से पीछे हट जाते है ,क्योंकि उन्हें लगता है की महिलाओं में आत्मसम्मान और गरिमा की कोई भावना नहीं है, वे खुद को साबित करने में सक्षम नहीं हैं। अशिक्षित होने के कारण महिलायें पिछड़ी होती है, और दुसरो पर निर्भर होती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से मनोज कुमार से बातचीत की बातचीत में मनोज कुमार का कहना है कि महिलाओं का मायके में शादी न होने के पहले अधिकार है उसके बाद में शादी हो जाने के बाद ससुराल में भूमि में पूरा अधिकार हो सकता है हां इसके पश्चात अगर मायके में माता-पिता भाई नहीं है तो महिलाओं का मायके के भूमि में अधिकार मिल सकता है। साथ ही उनका कहना है महिलाओं को शिक्षित होने का अधिकार है। सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं जो महिलाओं तक नहीं पहुंच रही हैं। जब महिलाएं पढ़ना-लिखना सीखेंगी, तभी वे जागरूक होंगी। महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने देते हैं इसमें पुरुषों की कमी है,जब तक महिलाएं शिक्षित नहीं होंगी जागरूक नहीं होगी काम नहीं करेंगी तब तक समाज का विकाश नहीं होगा
