उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक बलहा मौज बलहा से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से अरुण कुमार से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि लड़कियों को शादी से पहले पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए और शादी के बाद नहीं मिलना चाहिए। अगर मायके में लड़की के भाई है तो अधिकार नहीं मिलना चाहिए, और अगर भाई नहीं है तो अधिकार मिलना चाहिए। हमारे समाज में शिक्षा में बहुत पीछे है लोग, इसलिए महिलायें पढ़ नहीं पाती है। महिलायें अपने घरो से निकलेंगी नहीं तब तक वो अपना कुछ भी नहीं कर पाएंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक पयागपुर मौज मुंडा ठकुराइन गांव मुंडा ठकुराइन से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से राजन सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। शादी से पहले महिलाओं का अधिकार पैतृक संपत्ति में होता है और शादी के बाद नहीं होना चाहिए , अगर माता - पिता के पुत्र संतान नहीं है तो, शादी के बाद भी महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सा होता है। महिलाओं के लिए शिक्षा बहुत जरुरी है, और महिलाओं को घरो से बाहर निकलने देना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक विशेश्वरगंज से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शिवम् से साक्षात्कार लिया। शिवम् ने बताया कि अगर बहन की शादी नहीं होती है तो पैतृक संपत्ति भाई और बहन का बारबार का अधिकार होगा। बहन की शादी के बाद संपत्ति भाइयों में बांट दिया जायेगा
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बहराइच ब्लॉक हजूरपुर मौज सिंहपुर गांव ठकुराइन पुरवा से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से रीता सिंह से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं का भूमि में अधिकार शादी के पहले मायके में होना चाहिए और शादी के बाद भूमि का अधिकार ससुराल में होता है ,क्युकी महिलाओं की शादी में लाखो खर्च हो जाते है। माता पिता के अगर पुत्र संतान नहीं है तो, महिलाओं पैतृक संपत्ति में पूरा अधिकार होता है।
29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती है। मेजर ध्यानचंद को उनके अद्वितीय हॉकी कौशल और खेल के प्रति समर्पण के लिए याद किया जाता है। उन्होंने भारत को हॉकी में कई अंतरराष्ट्रीय जीत दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया है। आज के दिन खेल के क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले खिलाड़ियों को भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित करते हैं। बच्चों और युवाओं में खेल के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से,स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। जगह - जगह खेल के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाता है। दोस्तों , खेल प्रतिस्पर्धा और मनोरंजन के दायरे से परे हैं। उनमें जीवन बदलने, चरित्र निर्माण करने और सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने की शक्ति है।आइए आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हम प्रण करें कि हम खेलेंगे और लोगों को खेलने के लिए प्रेरित करेंगे। मोबाइल वाणी परिवार की तरफ से राष्ट्रीय खेल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला ब्लॉक हजूरपुर थाना हजूरपुर से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की, शादी के पहले महिलाओं का अधिकार पैतृक संपत्ति में होता है और शादी के बाद उनका अधिकार पैतृक संपत्ति में समाप्त हो जाता है। लड़की की शादी में माता पिता बहुत सारा पैसा खर्च करते है। हमारे समाज में लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं करना चाहिए। लड़की के विदाई के समय माता पिता बहुत भावुक हो जाते है। पुरुष और महिला में कोई भेद भाव नहीं करना चाहिए। हमारे सरकार के द्वारा बहुत सारी योजनाए चलाई जा रही है, जो अशिक्षित महिलाओं तक नहीं पहुंच रही है। डर के कारन महलायें घर के बार नहीं निकल रही है, क्युकी समाज उनपर दबाव डाल रहा है। महिलाओं को जागरूक होना बहुत जरुरी है और शिक्षित होना भी जरुरी है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगापुर की निवासी राम देवी से साक्षात्कार लिया। राम देवी ने बताया कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना है की अगर भूमि हम अपने बेटियों को दे देंगे , तो फिर हमारा लड़का क्या करेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहित से साक्षात्कार लिया।मोहित ने बताया कि बेटा और बेटियों को सम्पत्ति में एक समान अधिकार मिलना चाहिएं।शादी के बाद लड़की जमीं में अधिकार मांगेगी तो भाई - बहन का रिश्ता बिगड़ेगा। मगर इससे फर्क नही पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से साक्षी तिवारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आकाश से साक्षात्कार लिया।आकाश ने बताया कि बेटा और बेटी दोनों परिवार का हिस्सा होते हैं इसलिए दोनों को पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। जिस तरह बेटा पैदा हुआ है , उसी तरह बेटी भी पैदा हुई है, इसलिए बेटा और बेटी दोनों बराबर के हकदार है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राम से साक्षात्कार लिया।राम ने बताया कि भारत एक पुरुष प्रधान देश है। यहां महिलाएं बहुत कुंठित हैं। सरकार द्वारा महिला को भूमि अधिकार देना एक अच्छा कदम है। पहले लोग पुरुष को पढ़ाते थे और महिलाओं को नही पढ़ाते थे। अब स्थिति बदली है। महिलाएं अब शिक्षित हो रही हैं। लेकिन समाज में लोग लैंगिक असमानता को मानते हैं। बेटियों को आज भी भार समझा जाता है। महिला और पुरुष में समानता होनी चाहिए
