दोस्तों, गरीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में महिला भूमि अधिकार एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है। यह केवल संपत्ति का हस्तांतरण नहीं, बल्कि शक्ति का हस्तांतरण है। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- क्या आपको लगता है कि महिलाओं के नाम जमीन होने से परिवार की आय बढ़ती है? अपना अनुभव बताएं। *---- आपके गाँव में महिलाओं को जमीन के कागज़ात मिलने से किस तरह के बदलाव आए हैं? *---- क्या आपके परिवार या समुदाय में ऐसी कोई महिला है, जिसकी ज़िंदगी जमीन मिलने के बाद बदली हो?

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिला को ससुराल में हक़ मिलना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लड़कियों को शादी होने के बाद भी जमीन पर हक़ है

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से सत्यम कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लड़कियों के शादी से पहले मायके में अधिकार होता है। शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है। जिन लड़कियों के भाई नही होते हैं तो वो अपने माता - पिता की सेवा कर के सम्पत्ति में हिस्सा ले सकती हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से सरोड कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लड़की का शादी से पहले मायके की सम्पत्ति में अधिकार होता है। शादी हो जाने के बाद ससुराल में उनका अधिकार हो जाता है।यदि भाई नही है तो मायके में धन पा सकती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता ने संदीप पाल से साक्षात्कार लिया। संदीप पाल ने बताया कि शादी से पहले मायके की सम्पत्ति में बेटी का अधिकार है और शादी के बाद ससुराल की सम्पत्ति में हक़ होता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से मोहम्मद हुसैन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बेटियों को बराबर जमीन का अधिकार मिलना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से 60 वर्षीय उर्मिला मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि बेटी को मायके में जमीन पर अधिकार देंगे तो बेटों को क्या देंगे ।बेटी को ससुराल में जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए ।

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से हरी शंकर मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जब तक लड़की की शादी नहीं हुई है तब तक उनका अधिकार मायके में होता है लेकिन शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है

ज़मीन मिलने के बाद विमला ने अपनी जरूरतों और नए तरीकों को अपना कर खेती का नक्शा ही बदल दिया है- क्योंकि अब वह सिर्फ मज़दूर नहीं, एक किसान है। इस विषय पर आप क्या सोचते हैं, महिलाएं अपने हक को कैसे हासिल कर सकती हैं. क्या आप नहीं चाहते की आपके आस पास विमला जैसी कई महिलाएं हों? मुझे उम्मीद है कि आप निश्चित देखना चाहते हैं. तो आप हमें बताइये आप अपने इलाके में कैसे अनेकों विमलाएं बनाएंगे उनको उनका भूमि अधिकार देकर आपकी राय इसके उलट भी हो सकती है. इसलिए पक्ष-विपक्ष के इस कार्यक्रम में अपनी राय ज़रूर रिकॉर्ड करें हमें बताएं कि आप इस मसले पर क्या सोचते हैं. राय रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं अपने फोन से तीन नंबर का बटन दबाकर या फिर मोबाईलवाणी के जरिए.