उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के हुजूरपुर ब्लॉक से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मालती से हुई। मालती यह बताना चाहती हैं कि उनको मायके और ससुराल दोनों जगह अधिकार मिला है। उनको कोई सरकारी लाभ नहीं मिल रहा है
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मालती से हुई। मालती यह बताना चाहती हैं कि उनको मायके और ससुराल दोनों जगह अधिकार मिला है
Transcript Unavailable.
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से लल्लू निशा से हुई। लल्लू निशा यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अमित कुमार शुक्ला से हुई। अमित कुमार शुक्ला यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से 30 वर्षीय हरी ओम से हुई। हरी ओम यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राम से हुई। राम यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को मायके और ससुराल दोनों जगह जमीन में अधिकार मिलना चाहिए
पति की मृत्यु के बाद विधवा का उसकी ज़मीन पर अधिकार कोई दया नहीं, बल्कि उसका कानूनी हक़ है। ज़रूरत इस बात की है कि क़ानून की जानकारी, प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक समर्थन तीनों एक साथ मिलें। तभी विधवाओं के लिए “क़ानून में अधिकार” वास्तव में “ज़मीन पर अधिकार” बन पाएगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके गांव/मोहल्ले में विधवाओं के नाम ज़मीन का म्यूटेशन आसानी से होता है? *--- पंचायत या स्थानीय नेता विधवा अधिकारों की रक्षा में किस तरह की भूमिका निभा रहे हैं? *--- बेदखली के मामलों में प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है? *--- और क्या कानूनी सहायता केंद्र गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुँच पा रहे हैं?
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से दद्दू सिंह से हुई। दद्दू सिंह यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए।
