उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला के मौजा नारायणपुर गांव पंडित पुरवा से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रतीक शुक्ला पिता का नाम कौशल कुमार शुक्ला से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षित तथा जागरूक करना समाज के लिए बहुत आवश्यक है साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए और बाहर करने के बारे में बताया जाए। उनका कहना है पढ़ी लिखी महिलायें अभी भी घर के अंदर बैठी हुई हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बाढ़ आने से बहुत सारी समस्याएं आने लगती है। बाढ़ ग्रसित क्षेत्र में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है क्योंकि सड़कें आदि क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। बाढ़ की समस्या समाप्त होने पर भी सब उथल पुथल हो जाता है। जैसे कृषि के क्षेत्र में बहुत नुकसान होता है, आनाजो का भी बहुत नुकसान होता है। खेत में धान लगाते हैं तो यह भी एक समस्या बन जाती है की सब कुछ बर्बाद हो जाता है

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला प्रखंड पयागपुर से साक्षी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से लता जी से साक्षात्कार लिया।लता जी ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं को लघु उद्योग मिलनी चाहिए जैसे सिलाई कढ़ाई बुनाई और अनेक छोटे-छोटे कार्य महिलाओं को दिए जाने चाहिए जिससे महिलाएं अपना जीवन गुजार सके और अपनी गरीबी को दूर कर सके। महिलायें घूँघट से बाहर निकल कर जब बाहर काम करने जाएंगी तभी वो अपनी और अपने परिवार की गरीबी दूर कर पाएंगी।

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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रामगोपाल से साक्षात्कार लिया।रामगोपाल ने बताया कि बाढ़ से बहुत सरे नुकसान होता है और लोगों की ज़िन्दगी प्रभावित हो जाती है।फसल बर्बाद हो जाते हैं,घर गीर जाता है और बिजली भी चली जाती है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो जाती है। वो स्कूल नहीं जा पाते हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वर्तमान में हमारे समाज की महिलाएं हर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। वो हवाई जहाज चला रही हैं,समूह का काम कर रही हैं,कंपनी में काम कर रही हैं और खुद का रोजगार कर के मुनाफा भी कमा रही हैं । परन्तु आज भी कई महिलाएं अशिक्षित हैं तथा उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता है।

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उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जैसे लड़के होते हैं ,लड़कियाँ भी होती हैं, माँ बाप के लिए दोनों बराबर होते हैं . पिता की सम्पत्ति में आधा हिस्सा लड़कियों का भी होता है लेकिन पिता भी मजदुर होते हैं। हमारे देश में कानून सारे चलाये जाते हैं लेकिन उसका सही से पालन नहीं होता। पिता एक लड़के के लिए एक अच्छी शादी और अपनी बेटी के लिए एक अच्छी शादी चाहता है, फिर वह दहेज के लिए पैसे इकट्ठा करता है शादी पर दो लाख तीन लाख रुपये या अच्छे घरों पर अठारह लाख बीस लाख पच्चीस लाख रुपये खर्च करता है । ऐसे में वे सोचते हैं कि शादी में इतना खर्च करने के बाद जमीन में हिस्सा देना पड़ेगा तो यह उसपर बोझ होगा। बेटियों को संपत्ति का अधिकार है, लेकिन हम कहेंगे कि हां, अगर लड़की को हिस्सा मिलना चाहिए, अगर उसकी शादी ठीक से नहीं चल रही है, तो निश्चित रूप से उसे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए।