उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से हरीश पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि उन्हें मोबाइल वाणी पर महिलाओं के अधिकारों की जानकारी सुनकर बहुत अच्छा लगा
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय मोबाइल वाणी के माध्यम से सुनील वर्मा से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि महिलाओं को भी हर चीज में अधिकार मिलना चाहिए, चाहे वह जमीन हो या कोई भी निर्णय जैसे घर पर लिया जा रहा है पुरुष ले रहे हैं तो महिलाओं को भी लेना चाहिए। लड़कों और लड़कियों का सम्मान एक ही होना चाहिए। यदि शादी विवाह नहीं हुआ है तो उसका भी हक़ मिलना चाहिए और शादी विवाह हो गया तो उसका जहाँ शादी हुआ उसका वहां पर हक़ मिलना चाहिए,। उनका कहना है कि पिता की संपत्ति पर लड़की का अधिकार नहीं होना चाहिए, उसके ससुराल में उसका अधिकार होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से तीरथराम से साक्षात्कार लिया।तीरथराम ने बताया कि महिला और पुरुष में कोई अंतर नही है। दोनों को बराबर अधिकार मिलना चाहिए। पिता का बेटा नही होने पर बेटी को पूरा सम्पत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। तीरथराम अपने बेटा और बेटी को बराबर सम्पत्ति में अधिकार देंगे
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गंगापुर के निवासी अजय जी से साक्षात्कार लिया।अजय ने बताया कि महिलाओं को समानता दी जार रही है, सरकार हर क्षेत्र में उन्हें बराबर की भागेदारी दे रही है। ग्रामीण क्षेत्र में अशिक्षित लोग ज्यादा है, इसलिए वहां भेदभाव ज्यादा देखने को मिलती है। शिक्षित महिला हर क्षेत्र में भागेदारी ले रही है।शादी के बाद महिलायें अपने ससुराल में हिस्सा लेती है, अगर उनकी शादी नहीं होती है तो पैतृक संपत्ति में उनका हक़ होता है। सरकार के द्वारा कैंप लगवाकर अशिक्षित लोगो एक जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि असमानता को दूर किया जा सके
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से क्षमा पांडेय से साक्षात्कार लिया। क्षमा पांडेय ने बताया कि जैसे मेरे भाई को भूमि में अधिकार मिलना चाहिए, उसी प्रकार मुझे भी भूमि में हिस्सा मिलना चाहिए। पितजी कभी नहीं सोचते की बेटियों को भी भूमि में अधिकार मिलना चाहिए। क्षमा के पिता का मानना है की, बेटियों को पढ़ा लिखा कर शादी कर देना है। भूमि में अधिकार मिल जाए तो उससे रोजगार किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नेहा पांडेय से साक्षात्कार लिया। नेहा पांडेय ने बताया कि अभी भी पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव है, स्कूल में पुरुष शिक्षक को ज्यादा वेतन दिया जाता है, महिला शिक्षिका के मुकाबले। कुछ पुराने सोच के लोग भी यही सोचते है की, लड़की को तो दूसरे घर ही जाना है और लड़को को घर की ज़िम्मेदारी होगी। लड़कियाँ आजकल किसी भी चीज में कम नहीं हैं, लेकिन लोगों की सोच को बदलना बहुत जरूरी है और शिक्षा बहुत जरूरी है। लोग शिक्षति होंगे तभी पुरुष और महिला में कम भेदभाव होगा। महिलाओं को शादी के बाद भी दो घर देखन होता है, ससुराल में भी अपने माता पिता को लेकर चिंतित रहती है। समाज में भेदभाव को ख़त्म करना बहुत जरुरी है और पैतृक संपत्ति में महिलाओं को अधिकार मिलना बहुत जरुरी है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से शालिनी पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आस्था से साक्षात्कार लिया।आस्था ने बताया कि पैतृक सम्पत्ति में भाई के बराबर इनको भी अधिकार मिलना चाहिए। इस भूमि का उपयोग पैसा कमाने और रोजगार करने के लिए करेंगी।
जगराम का कहना है कि महिलाओं को शादी के पहले पूरा अधिकार भूमि होना चाहिए शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में होता है अगर मायके में माता-पिता भाई-बहन नहीं है तो विधायता औरत मायके तथा ससुराल का धन ले सकती है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ननके यादव से बातचीत की। बातचीत में ननके यादव का कहना है बेटियों को पिता की सम्पत्ति में अधिकार मिलना चाहिए वे भी दूसरे बच्चों के बराबर हैं। शादी से पहले उनका पूरा अधिकार होता है शादी के बाद उनका अधिकार ससुराल में मिलता है। उनका कहना है महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है शिक्षित हैं तो बहुत कुछ है अशिक्षित हैं तो कुछ भी नहीं। सरकार के द्वारा बहुत सी योजना चलाई जा रही हैं लेकिन जो महिलाएं अशिक्षित हैं खासकर गांव देहात में कुछ लोग अशिक्षित परिवार से होते हैं वे लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं देते हैं। गांव की बहने माताएं दो सौ रूपए के लिए देहाड़ी पर जाती हैं। अशिक्षित महिलाओं का शोषण किया जा रहा है उनका कहना है महिलाएं घर से बाहर नहीं निकले अपने घर चूल्हा चौका ,बर्तन करे। पुरुषों को इस पर ध्यान देना चाहिए महिलाएं घर से निकलेंगी नहीं तो जागरूक नहीं होंगी
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से हिमांशु रावत से बातचीत की। बातचीत में हिमांशु रावत का कहना है महिलाओं को जागरूक करने के लिए सबसे पहले शिक्षित करना चाहिए। शिक्षा नहीं रहेगी तो महिलाएं जागरूक नहीं हो पायेंगी। इसके लिए भारत सरकार महिलाओं के शिक्षा पर जोर दे। हमारी जो माता बहने हैं जो हमारी बहुयें हैं उनके शिक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जागरूक करने पर ध्यान देना चाहिए। अगर शिक्षा नहीं हैं तो वे कुछ भी हासिल नहीं कर पायेंगी। सरकारी योजनाएं आयंगी तो वे पढ़ी लिखी नहीं रहेंगी तो उन्हें जानकारी नहीं मिल पाएगी कि योजनाओं का कैसे फायदा उठाया जा सकता है । उनका कहना है जब तक पढ़ी लिखी नहीं रहेंगी तो महिलाओं को भूमि अधिकार नहीं मिल पाएगी। महिलाओं का भूमि पर अधिकार शादी से पहले होता है शादी के बाद पूरा अधिकार ससुराल में होता है
