उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की हमारे समाज में महिलाये आगे बढ़ रही है और अपना खुद का व्यापार भी कर रही है। जो शिक्षित हैं वे अपना खुद का व्यवसाय कर रही हैं जैसे सिलाई का काम और समूह चलाना आदि । महिलायें टूशन व कोचिंग में पढ़ने का भी काम करती है। अशिक्षित महिलायें भी एक दूसरे को देखकर आगे बढ़ रही है, लेकिन उनके पास लोई भी पूंजी नहीं है और पूंजी के वजह से वो लाचार पड़ी है।पूंजी के बगैर अपना कारोबार करना असंभव है।हमारे समाज की कुछ महिलायें दर दर की ठोकरे खा रही है , समाज में महिलाएं महंगाई की मार से भी परेशान है
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की हमारे समाज में महिलाये आगे बढ़ रही है और अपना खुद का व्यापार भी कर रही है।आज के समय में महिलायें सभी क्षेत्र में काम कर रही है। समाज में महिलायें पढ़ी लिखी महिलाओं के साथ रहकर वो भी जागरूक हो रही है। इतना सब होने के बाद भी महिलाओं के साथ हिंसा होता है , जो की बिलकुल नहीं होना चाहिए। हमारे समाज में हर माता-पिता का एक सपना होता है कि उनकी लड़की बड़ी होकर शिक्षित होकर एक अच्छी नौकरी करे। पर कही न कही आज भी महिलाओं के ऊपर घरवालों के तरफ से दबाव बनाया जाता है। महिलाये जिस प्रकार से जागरूक हो रही है उसी प्रकार से उनका भी भूमि में अधिकार होना जरुरी है। आज के समय में पति या पिता के द्वारा महिलाओं को उनके संपत्ति में हिस्सा दिया जा रहा है। ससुराल में पति के मृत्यु के बाद ही महिलाओं को भूमि में हिस्सा मिल सकता है। पति के मृत्यु से पहले अगर महिलाओं को भूमि में अधिकार दिया जाये तो वे इसका गलत इस्तेमाल कर सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में पुरुषो के अंदर कमियां ये है की वो कभी नहीं चाहते की महिलायें पुरुष के बराबर हों। उनका मानना यह है की अगर महिलाये पुरुषो के बराबर हो जाएँगी तो परुषो का महत्व कम हो जाएग। परन्तु हमें इस सोच से ऊपर उठना होगा और महिलाओं को जागरूक करना होगा। पुरुष वर्ग महिलाओं के साथ अत्याचार भी करते है, इसलिए महिलाओं को उनका हक़ मिलना चाहिए।
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की प्राकृतिक भूजल जलाशयों में से एक के ऊपर एक कुआँ खोदा जाता है ताकि सीधे नीचे के स्रोत से पानी एकत्र किया जा सके, जिससे यह भारत के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति का मुख्य स्रोत बन जाता है। हालाँकि अब पानी की कमी के कारण अधिकांश कुएँ सूख रहे हैं।
