बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से मानसी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला से हमारी श्रोता ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस में व्यक्ति को अपनी देखभाल खुद करने में मुश्किल हो सकती है ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड के कोशला पंचायत से राधिका कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या आत्महानि करने वाले किशोरों को कलंकित करना सही है ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से भारती कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोटिक के बारे में गलतफ़हमिया दूर करनी चाहिए ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से नीलम कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस के इलाज में धैर्य जरूरी है ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से स्वीटी कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि किशोरावस्था में आत्महत्या का विचार कितना है ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से गायत्री देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि आत्महत्या क्या है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि आत्महानी क्या है ?
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आत्महानी एक ऐसी मानसिक और भावनात्मक स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने अंदर की पीड़ा, तनाव या दुख को व्यक्त करने के लिए खुद को नुकसान पहुँचाने लगता है। इसका उद्देश्य प्रायः मरना नहीं होता, बल्कि अपने दर्द से राहत पाने की कोशिश होती है। यह व्यवहार यह दर्शाता है कि व्यक्ति गहरे मानसिक संघर्ष से जूझ रहा है और उसे सहारे, समझ और पेशेवर मदद की ज़रूरत है ताकि वह अपने भावनात्मक दर्द को स्वस्थ तरीक़े से संभाल सके।
Nov. 8, 2025, 4:18 p.m. | Tags: information health mentalhealth
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से सपना कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस के व्यक्ति को अकेला छोड़ देना चाहिए ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के नारदीगंज ब्लॉक से संजू देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या साइकोसिस में किसी पर शक करना आम है ?

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हाँ, साइकोसिस में व्यक्ति को अपनी देखभाल खुद करने में काफी मुश्किल हो सकती है। जब व्यक्ति भ्रम या मतिभ्रम जैसी स्थिति में होता है, तो उसे वास्तविकता का सही अंदाज़ा नहीं रहता। ऐसे में वह रोज़मर्रा के काम, जैसे नहाना, खाना, दवा लेना या साफ-सफाई करना, भूल सकता है या अनदेखा कर सकता है। इसलिए इस समय परिवार और देखभाल करने वालों की मदद बहुत ज़रूरी होती है।
Nov. 8, 2025, 4:18 p.m. | Tags: information health mentalhealth