बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से अन्नू कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि मानसिक तनाव से कैसे निपटें ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से किरण कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि मानसिक तनाव से कैसे निपटें ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से किरण कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि अल्जाइमर रोग क्या होता है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से गुड़िया देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि क्या इंटरनेट के अधिक प्रयोग से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से गुड़िया देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि स्कूल में मानसिक स्वास्थ्य की शिक्षा क्यों मिलनी चाहिए ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से लाली कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि मानसिक स्वास्थ्य को क्या बीमा में कवर किया जाता है?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से सोनाली कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि क्या मोबाइल की आदत मानसिक रोग हो सकता है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से सोनाली कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि क्या सोशल मिडिया भी तनाव का कारण हो सकता है ?
बिहार राज्य के जिला नवादा के ब्लॉक नारदीगंज से निभा कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह पूछना चाहती है कि परिवार का सहयोग क्यों जरुरी है ?
बिहार राज्य के नवादा ज़िला के नारदीगंज प्रखंड से बुलबुल कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या मोबाइल की लत मानसिक बीमारी है ?
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मोबाइल की लत को आधिकारिक रूप से मानसिक बीमारी नहीं माना गया है, लेकिन अगर इसे नियंत्रित न किया जाए तो यह मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकती है। जब कोई व्यक्ति मोबाइल पर बहुत अधिक समय बिताता है, तो वह अपने आस-पास से अलग होने लगता है और हानिकारक आदतों में अधिक शामिल हो सकता है। खासकर सोशल मीडिया, गेम्स या वीडियो में ज्यादा समय बिताने से ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या और कामकाज में कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। समय के साथ, यह आदत वास्तविक जीवन के रिश्तों और भावनात्मक संतुलन पर भी असर डाल सकती है। यह स्थिति तब चिंता का विषय बन जाती है जब व्यक्ति बिना मोबाइल के बेचैनी या चिंता महसूस करता है या फिर चाहकर भी अपने स्क्रीन टाइम को नियंत्रित नहीं कर पाता। इससे बचने के लिए, व्यक्ति को अपने मोबाइल उपयोग का समय सीमित करना चाहिए, खाने के समय या सोने से पहले मोबाइल दूर रखना चाहिए, और अधिक समय किताबें पढ़ने, व्यायाम करने या परिवार और दोस्तों से बातचीत करने जैसी ऑफलाइन गतिविधियों में बिताना चाहिए।
Nov. 13, 2025, 3:08 p.m. | Tags: information health mentalhealth children

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परिवार का सहयोग बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि यह भावनात्मक ताकत, स्थिरता और अपनापन का एहसास देता है। जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे का साथ देते हैं, तो यह व्यक्ति को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने में मदद करता है और तनाव, अकेलापन व डर की भावना को कम करता है। एक सहायक परिवार खुली बातचीत, समझ और विश्वास को बढ़ावा देता है, जो मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। परिवार का सहयोग व्यक्तिगत विकास में भी बड़ी भूमिका निभाता है यह व्यक्ति को प्रेरित रखता है, बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है और लक्ष्यों को पाने के दौरान सुरक्षा का एहसास कराता है। कठिन समय में जब परिवार साथ खड़ा होता है, तो व्यक्ति को आगे बढ़ने की उम्मीद और हिम्मत मिलती है। कुल मिलाकर, एक स्नेही और एकजुट परिवार हर सदस्य के जीवन में खुशी, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन लाता है।
Nov. 13, 2025, 3:06 p.m. | Tags: information health mentalhealth