सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
नियम क्या हैं, ये क्यों बनाए जाते हैं और इनसे क्या बदलता है... इन तीनों सवालों से अक्सर जनता परेशान रहती है, जनता की परेशानी उसे मिलने वाले नित नए सबक के बावजूद भी बनी रहती है। परेशान जनता यह मानना ही नहीं चाहती है नियम उसकी भलाई के लिए ही होते हैं।हमारे देश में नियमों की तब तक ही अहमियत होती है जब तक वे हमारी मौज मस्ती में बाधा नहीं बनते, एक बार अगर ये नियम हमारी मौज मस्ती में बाधा बनने लगते हैं तो हम बिना इनके बारे में सोचे और भविष्य की परवाह किए इनसे बचने की तरकीबें निकालने लगते हैं। दोस्तों आप इस मसले पर क्या सोचते हैं, क्या आपको भी लगता है कि सरकारों को इस पर पूर्णत प्रतिबंध लगा देना चाहिए, या फिर ऐसे ही थोड़े से पैसे के लालच में उन व्यापारियों को खुली छूट होनी चाहिए जो इसका व्यापार करने में लगे हैं।
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हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए
मीठे गुड़ में मिल गए तिल उड़ी पतंग और खिल गए दिल हर पल सुख और हर दिन शांति आप सबके लिए खुशियाँ लाये मकर संक्रांति ! मकर संक्रांति यानी कि सूर्य के एक राशि से दूसरे यानी मकर राशि में प्रवेश करने को मकर संक्रांति कहा जाता है। यह देश के अलग अलग भागों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। इस दौरान विभिन्न पारंपरिक पकवान या मीठे व्यंजन तैयार किए जाते हैं। मकर संक्रांति को पतंगों का पर्व , संक्रांति, पोंगल, माघी, उत्तरायण, उत्तरायणी और खिचड़ी पर्व आदि जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है. यह शीतकालीन दिनों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक है। भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति मनाने के अपने अनूठे तरीके हैं, जो देश में परंपराओं और रीति-रिवाजों की विविधता को दर्शाते हैं। यह त्यौहार सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखता है, इस पावन अवसर पर मोबाइल वाणी के परिवार की ओर से आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ।
राजधानी के फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड की न्याय विहार कॉलोनी के निवासियों ने रविवार को नगर निगम के विरुद्ध प्रदर्शन किया और नगर निगम मुरादाबाद के नारों के साथ नगर निगम का पुतला फूंका तथा नगर निगम द्वारा कूड़ा हटाए जाने तक विरोध प्रदर्शन और अनशन करने की चेतावनी दी।
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए जिलाधिकारी लखनऊ सूर्य बल गंगवार ने कक्षा 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों की छुट्टियां आगामी 16 जनवरी तक बढ़ा दी हैं तथा कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल पूर्व की भांति 10:00 बजे से 3:00 बजे के बीच संचालित होंगे।
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"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा ,रबी फसलों में खरपतवार प्रबंधन की जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
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