मानसून में देरी का असर खरीफ फसलों पर बुरी तरह से पड़ा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 23 जून 2023 तक देश में 129.53 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 6.12 लाख हेक्टेयर कम है, लेकिन चूंकि पिछले साल भी जून के महीने में मानसून देरी से आया था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
गांव आजीविका और हम के इस कड़ी में हम हमारे विशेषज्ञ जीवदास साहू द्वारा जानेंगे मानसून आने से पूर्व तैयार रखे बीज और खाद ।अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इन्हे नया आयुष्मान कार्ड बनवाना है कैसे बनेगा ?
उत्तर प्रदेश राज्य के लक्खणौ से अर्चना मिश्रा मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहीं हैं कि, इनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। ना ही इनके पति का बना है और ना ही इनके परिवार में किसी का आयुष्मान कार्ड बना ही
भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा स्वदेशी प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग करके ओमिक्रॉन से निपटने के लिए एमआरएनए-आधारित बूस्टर वैक्सीन विकसित की है। इसका विकास जेनोवा बायोफार्मास्यूटिकल्स द्वारा किया गया, इसे जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद द्वारा कार्यान्वित मिशन कोविड सुरक्षा के तहत सहायता दी गई है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला से ललित मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते है की, आयुष्मान कार्ड में नाम कैसे जुड़ेगा ?
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला से ललित मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इन्होने आवास योजना का आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक इनका नाम आवास योजना में नहीं आया है
उत्तर प्रदेश राज्य, लक्खणौ जिला के राम मंदिर लाइन से मीरा मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहीं हैं कि, इनका आयुष्मान कार्ड में नाम नहीं चढ़ा हुआ है। इन्हें अपना नाम आयुष्मान कार्ड में चढ़वाना है
उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ जिला से मीनू पाल मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है की, इनके इलाके में आयुष्मान कार्ड का कैंप लगा हुआ है और बहुत सारे ऐसे लोग है जिनका आयुष्मान कार्ड में नाम नहीं जुड़ा हुआ है। वो सभी अपना नाम जरूर जुड़वा ले
फैक्ट-चेक करने वाले मंचों को अब केंद्र सरकार से पंजीकरण प्राप्त करने की आवश्यकता हो सकती है. यह उनसे अधिक जवाबदेही मांगने की सरकारी योजना का हिस्सा है. एक रिपोर्ट में बताया है कि आगामी डिजिटल इंडिया विधेयक के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान के रूप में वर्तमान में इस पर विचार किया जा रहा है, यह भारत के वर्तमान इंटरनेट कानून की जगह लेगा.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
