रांची हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए कहा कि जब तक किसी मामले में अनुसूचित जाति और जनजाति व्यक्ति पर अपमानित करने का इरादा से विवाद या मामला नहीं किया गया हो तब तक उसे अपराध को एससी एसटी एक्ट के दायरे में नहीं माना जाएगा।