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फॉइल फोटो लापता बालक सुधांशु ढाईघाट मेले से लापता आठ वर्षीय बालक का नवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिर्ज़ापुर। ढाईघाट मेले से लापता हुए कलान थाना क्षेत्र के ग्राम सथरा धर्मपुर निवासी महिपाल शर्मा के आठ वर्षीय पुत्र सुधांशु का नवें दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। बालक के माता-पिता का कहना है कि मेले में सीसी टीवी कैमरे लगे होते तो उनके बच्चे का सुराग जरूर लग जाता। लापता बालक की मां मोनी और पिता महिपाल शर्मा का रो रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को वह परिवार सहित ढाईघाट में रिश्तेदार की बच्ची के मुंडन संस्कार में आये थे। मुंडन संस्कार के समय ही उनका पुत्र सुधांशु लापता हो गया था। तब से लगातार बालक की तलाश की जा रही है। किंतु लापता होने के नवें दिन भी बालक का कोई सुराग नहीं लगा है। बालक के लापता होने की रिपोर्ट भी शमशाबाद थाने में दर्ज है। पुलिस भी लापता बालक का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। संवाद

जिसका कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया है गहरे पानी में स्नान को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नदी के दोनों तरफ पानी बेरिंग केटिंग की गई थी

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एसपी

घरेलू हिंसा की शिकार ज्यादातर सूदूर देहात क्षेत्र में रहने वाली गृहिणियां होती हैं। हालांकि अब भारतीय न्याय संहिता ने महिलाओं में जागरूकता बढ़ाई है,जिसके चलते अब स्कूलों में जाने वाली छात्राएं घर में मां दादी चाची ताई या पास पड़ोस में रहने वाली आंटी दीदी के साथ होने वाली घरेलू हिंसा की जानकारियां देने लगी हैं। प्रशासन द्वारा जारी किए गए महिला हेल्पलाइन चाइल्ड हेल्पलाइन और अन्य टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के जरिए अब महिलाओं से जुड़े घरेलू हिंसा जैसे मामलों में कमी आ रही है। फिर भी शराब पी कर घर आने वाले पिता,पति या भाई के द्वारा महिलाओं को मारना पीटना अब भी जारी है। किंतु पहले की तुलना में सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया के आज के दौर में अब महिलाएं तेजी से जागरूक हो रही हैं और अपने खिलाफ होने वाले अत्याचार तथा घरेलू हिंसा के प्रति मुखर विरोध करने लगी हैं। किंतु आज भी हमारी सामाजिक परिवार व्यवस्था का ताना-बाना कुछ इस तरह से उलझा हुआ है कि रात में घरेलू हिंसा का शिकार होने वाली महिलाओं को उनकी अपनी ही मां सास पड़ोस की अम्मा यह कहते हुए दबा देती हैं कि अब अपने घर की समस्या को चौराहे पर ले जाएगी या थाना पुलिस होगा तो तुम्हारे ही परिवार की बहुत बदनामी होगी। बच्चों पर इसका गलत असर पड़ेगा आदि इत्यादि। लेकिन घरेलू हिंसा के प्रति आवाज उठाना हर महिला का संवैधानिक हक़ और अधिकार है उन्हें बोलना होगा। बोलेंगे तो ही यह समाज बदलेगा और स्त्री पुरुष के समानता के अधिकार को समाज को स्वीकार करना होगा।

सदानंद लघु माध्यमिक विद्यालय ऐंठी पर धूम धाम से मनाया गया संत शिरोमणि रविदास जयंती

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