गाजीपुर। एकमुश्त समाधान योजना को देखते हुए टाउन एसडीओ सुधीर कुमार ने बुधवार को बीकापुर चौराहा से लेकर अंधऊ रोड तक चेकिंग अभियान चलाया। जिसमे कुल 12 उपभोक्ताओं का बकाया पर लाइन पोल से खोली गई। वही लगभग 32 लोगो का बकाया ओटीएस के तहत जमा कराया गया। टाउन एसडीओ सुधीर कुमार ने बताया कि 16 जनवरी तक ओटीएस की अंतिम तिथि है। जिसमे जितने भी बकायेदार उपभोक्ता है वे लोग नजदीकी उपखंड कार्यालय में जाकर अपना अपना पंजीकरण ओटीएस के तहत करवा ले, नही तो ओटीएस बित जाने के बाद सीधे विद्युत बकाया पर एफआईआर दर्ज कराकर राजस्व विभाग द्वारा बिल वसूल की जाएगी। वही विद्युत चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को पकड़े जाने पर कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।

किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा।विशुनपुरा थाना क्षेत्र का है मामला। न्यायालय ने सुनाई सजा।

कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र की है घटना।

अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है जिसको लेकर के अखिल भारतीय संत समिति की तरफ से हरिश्चंद्र घाट स्थित डोम राजा परिवार को आयोजन मे शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र दिया गया है।इसको लेकर डोम राजा परिवार ने खुशी जताते हुए आभार भी जताया है।

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सामाजिक संस्था दखल संगठन की ओर से देश की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख की मनाई गई जयंती।

आमी नदी पर बनेगा बांध

गोला पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए भीषण ठंड को देखते हुए रात्रि के समय थाना प्रभारी गोला इंद्रजीत सिंह ने कड़के की ठंड में गरीब अशहाय निर्धनलोगो का हाल चाल पूछा और उनको कंबल वितरित किया

विकसित भारत संकल्प यात्रा गफ्फार नगर पहुंची पहुंची कार्यक्रम में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को प्राप्त हुआ व जानकारी साझा की गई

लक्ष्मी बाई कन्या इंटर कॉलेज शहाबुद्दीन पुर में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया विद्यालय में जिला अस्पताल के तमाम डॉक्टर ने शिरकत की

सीतापुर। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा ठप रही। चिकित्सक के कोर्ट जाने से मरीज परेशान रहे। घंटों इंतजार के बाद मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई। अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए मरीजों ने सुबह नौ बजे से अपना नंबर लगवा दिया। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती चली गई। सुबह 11 बजे तक करीब 20 मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। उसके बाद मरीजों को बताया गया कि डॉक्टर साहब सरकारी काम से न्यायालय गए हुए हैं। इससे मरीज बिना जांच के ही वापस लौट गए।