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दोस्तों,कोविड का टीका हर तरह के परीक्षण के बाद तैयार किया है और फिर आम नागरिकों तक पहुंचा है. असल में कोरोना का टीका शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाता है. इससे शरीर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता. टीके के प्रभाव से कुछ लोगों को हल्का बुखार या फिर टीका लगने वाले स्थान पर दर्द हो सकता है लेकिन यह क्षणिक है. यानि एक दो दिन में खुद ठीक हो जाता है. इससे ना तो माहवरी बंद होती है ना ही उस दौरान दर्द होने जैसी कोई समस्या आती है. और ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें .

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जैसा की हम सभी जानते हैं, भारत वर्ष में त्योहारों और परम्पराओं का विशेष महत्व है। अनेकता में एकता का प्रतिक भारत देश में हर पर्व त्योहारों को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।हमरे देश में मनाए जाने वाले विभिन्न पर्वों एवं त्योहारों में से एक है दुर्गा पूजा का त्योहार। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्योहार में माँ दुर्गा के सभी नौ रूपों का पूजा अर्चना की जाती है। माँ दुर्गा के हर एक अवतार का हमारे जीवन में एक विशेष महत्व है। माँ दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल किया था इसलिए यह पर्व हमें बुराइयों को त्याग कर अच्छाई के रास्ते चलने के लिए प्रेरित भी करता है। तो आइये इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए शांति, सौहार्द एवं हर्षोल्लास के साथ हम सभी एक साथ मिलकर दुर्गा पूजा का त्यौहार मनाए। साथियों, नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आप सभी श्रोता बंधुओं को मोबाइल वाणी परिवार की ओर से महाष्टमी और नवमी का हार्दिक शुभकामनाएं।

"दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल " जी हाँ दोस्तों,आज 2 अक्टूबर, 2022 को हम महात्मा गांधी जी की 153 वीं जयंती मना रहे हैं । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के पथ पर चल कर न सिर्फ हमें अंग्रेजों से आजादी दिलाई बल्कि दुनियाँ को एक नया रास्ता दिखाया।आज का दिन दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। साथियों! आइए हम आज के दिन संकल्प लें.. गांधीजी के बताए शांति, अहिंसा, सत्य, समानता, एवं स्वच्छता जैसे आदर्शों को अपने जीवन में अपना कर बापू के सपनों को साकार करेंगे। आप सभी श्रोता बंधुओं को मोबाइल वाणी परिवार के तरफ से " गाँधी जयंती "की हार्दिक शुभकामनाएं !! धन्यवाद ! जय हिन्द !

दोस्तों, हम पुरानी परम्परा रही है कि किसी भी नवजात शिशु को 6 दिन तक किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में नहीं दिया जाता. ताकि गंदे हाथों की वजह से उसे संक्रमण न हो जाए. साथ ही लोगों को हिदायत दी जाती है कि बच्चे को गोद में लेने से पहले हाथ जरुर साबुन से साफ करें. पर कई बार देखा जाता है कि लोग इस नसीहत को गंभीरता से नहीं लेते. कोरोना के दौरान भी तो यही हुआ...! घर की महिलाओं और नवजात शिशुओं की मांओं के लिए हाथ धोना क्यों जरूरी है, इस बारे में आज राजू और पंकज के साथ साथ आप भी जान लें...!

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