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नौबतपुर से, सेफ्टी पैनल की महिला, अपनी मोहल्ले की किसी 14 साल की लड़की को काम करते जाते देख पूछा पढाई क्यों नहीं कर रही है वह, बच्ची ने बताया कि उसकी पिता गुज़र गए, घर पर खाने का इंतज़ाम करना पढाई से ज़्यादा ज़रूरी है, इसलिए उसको काम करना है | महिला ने उसको पुछा बड़े हो कर क्या बनना चाहती है वह, तोह बच्ची ने कहा उसको पुलिस बनना है | महिला ने समझाया कि पुलिस बनने के लिए पढाई करनी पढ़ती है, बच्ची की माता को भी वही कहा | बच्ची की माँ मान गई पर एक ही बात बार बार पूछ रही थी की, अगर पढाई करेगी तोह खायेगी क्या? महिला को इसके बारे में मदद चाहिए

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दुर्गा वैष्णव, कोटा राजस्थान के कुनड़ी थाने की सुरक्षा सखी का कहना है की मैं हॉस्टल में वार्डन भी हूं तो मैं हर लड़की को भी मोटिवेट करती रहती हूं हर लड़की के पास मेरा नंबर है अगर उनको कोई भी प्रॉब्लम हो तो कृपया मेरे नंबर है आप मुझे किसी भी वक्त कॉल कर सकती हैं और मैं उन लड़कियों को जो डिप्रेशन में आ जाती है तो हम उनको मोटिवेट करती हूं जो गरीब बच्चे होते हैं कोई दुकान पर काम करते हैं तो मैं यह चाहती हूं कि मेरी दो चार सुरक्षा सखी को लेकर उन बच्चों से मिलूं और उनके पेरेंट्स से बात करना चाहती हूं ताकि मैं उनके पेरेंट्स को बता सकूं कि आप इनका थोड़ा सा टाइम कम कीजिए और इन बच्चों को पढ़ने दीजिये और इन को आगे बढ़ने दीजिये, मैं सुरक्षा सखी से जुड़ी हो मुझे मौका मिला कि मैं अपने देश की हर बेटियों सुरक्षित कर सकूं और जो पुलिस और हमारा जो सेतु बना हुआ है मैं इस पर खरा उतर सकूं।

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दादाबाड़ी थाने से गिरिजा शर्मा का कहना है की सुरक्षा सखी में जुड़कर बहुत अच्छा लगा है, और आगे भी जुड़े रहना चाहती है.