बिहार राज्य के जमुनिया से पुष्पा देवी हेलो आरोग्य मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहती है की, 5 से 18 वर्ष के बच्चो से अगर कोई मजदूरी करवाता है, तो उसे बाल मजदूरी कहते है। गरीबी से मजबूर हो कर माता पिता अपने बच्चो को सही शिक्षा नहीं दे पाते है, शिक्षा नहीं होने के वजह से बच्चो का मानसिक विकाश नहीं हो पाता है और इस वजह से उन्हें अपने बच्चो से मजदूरी करवाने पड़ती है। बाल मजदूरी रोकने के लिए हमे समाज में जागरूकता लाना होगा और बच्चो को शिक्षा देना होगा