छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव से वीरेंदर गंदर्व ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि समाज ,धर्म में जो मानसिकता बना दी है ,उस मानसिकता से पुरूष बाहर नहीं निकल पाते है। महिलाओं के लिए जो रीति बनी है ,वो अगर पालन नहीं करेगी तो पुरुष उत्तेजित हो जाते है।उनको पुरुष सत्ता का विचार आता है और बराबरी में वो महिलाओं को सह नहीं पाते है। इस कारण हिंसा बढ़ती है। और हिंसा में महिला की जिम्मेदारी माना जाता है क्योंकि महिलाओं को महिला ही नहीं बचाती है। महिलाओं को भी हमें इंसान मानना होगा । उन्हें उनका अधिकार देना होगा