महाराष्ट्र राज्य से आदर्श ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ऐसा नहीं है कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ा देने से ही उन्हें शिक्षा का अधिकार मिला है। लड़कियों को शिक्षा का अधिकार जब हिन्दुस्तान का संविधान लागू हुआ था उसी समय मिल गया था