मैं सीता, किशन पूरा , जयपुर वाणी पर साझा कर रही हु की हमारे यहां गालिया छोटी हैं तो कचरे की बड़ी गाड़ी नहीं आ पाती हैं आप हमारे हाथ गाड़ी बेझे।