झारखण्ड राज्य के राँची ज़िला से रूपा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि मौसम के परिवर्तन से खेती में बहुत समस्या होती है। अगर वर्षा नहीं होती है तो खेत को पर्याप्त पानी जो मिलना चाहिए वो मिल नहीं पता है वही अगर वर्षा ज़रुरत से ज़्यादा हो जाती है तो इससे भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन, जैसे अनियमित बारिश, भीषण गर्मी, सूखे और बेमौसम ओलावृष्टि से खेती में उत्पादन कम और नुकसान बहुत ज्यादा हो रहा है। मिट्टी की नमी खत्म हो रही है, फसलें समय से पहले पक रही हैं, कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है और खाद्य सुरक्षा के साथ किसानों की आय पर भी गहरा संकट मंडरा रहा है।