मैक्लुस्कीगंज 14 फरवरी 2024 फ़ोटो 3 - राख मलन करते पुरोहित सहित अन्य. माथे पर राख से क्रॉस का निशान बनाने के साथ कैथोलिक विश्वासियों का डेढ़ माह तक चलने वाला (चालीसा काल) उपवास से शुरू. मैक्लुस्कीगंज स्थित कैथोलिक चर्च में इसकी शुरुआत बुधवार को विश्वासियों के कपाल पर राख मलन के साथ हुई. उपवास पुण्य सप्ताह को गुड फ्राइडे तक चलेगा. कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम के मुख्य अनुष्ठाता लपरा पुरोहित फादर विल्फ्रेड व सहयोगी पुरोहित हुबेरतुस बेक द्वारा बैगनी रंग का वस्त्र धारण कर संयुक्त रूप से समारोही प्रार्थना से किया गया. कहा कि समाज के लोग इन दिनों को दुःख भोग के रूप में मनाते हुए प्रभु यीशु के क्रूस पर दी गई बलिदान को याद कर प्रार्थना और उपवास रखकर सेवा कार्यों में लीन रहे. संदेश देते हुए कहा कि हम सभी मानव जाति में बुराई, द्वेश, पाप करने की प्रवृति है, कारण ईश्वर द्वारा प्रदत स्वच्छ जीवन को धूमिल करते रहते हैं, हम जिस प्रकार अपने शरीर को धोते हैं और नहाते हैं, उसी प्रकार हम मानव जाति को मनः स्थिति, विचारों को धोने और पवित्र करने का उत्तम समय ही है चालिसा काल. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें त्याग और सेवा का संदेश दिया है. दुख भोग के इन दिनों में समुदाय के लोग परोपकार व सेवा कार्य करेंगे. इस दौरान सभी को पीड़ित मानवता की सेवा के लिए प्रेरित किया गया. इससे पूर्व प्रवेश, बाइबल पाठ आदि विधि कर परम प्रसाद का वितरण किया गया. इस अवसर पर सिस्टर जुलियाना, विन्सेंट खेस, राकेश साह, अजय मिंज, कोर्नेलुईस खेस, जोशी टीडी, नैंसी, रिया, अनिता जोबी जोशी, जॉली जोसेफ़ सहित बड़ी संख्या में मसीही समुदाय उपस्थित थें.