विज्ञान कहता है कि एक बार किसी वायरस का संक्रमण होने के बाद इंसानी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति उस भारत से लड़ना सीख जाती है इस कारण वह बारस उस इंसान को फिर से नुकसान नहीं पहुंचा सकता लेकिन क्या आप एक बार कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो गए हैं तो यह वायरस आपको दोबारा संक्रमित करेगा कि लोगों को इससे अधिक खतरा है और क्या आप के कपड़ो परिवार एक्टिव रह सकता है अभी ठीक ठीक नहीं कहा जा सकता क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला आया था उसके बाद से उस पर रिसर्च चल रहा है हालांकि पहले के बारस्की अनुभव से यह कहा जा सकता है कि एक बार संक्रमण के बाद वायरस के खिलाफ शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति एंटीबॉडीज बना लेती है इससे भविष्य के लिए इस वायरस से बचाव हो जाता है उदाहरण के तौर पर सारस और मार्च वायरस जो की कोरोना वायरस की फैमिली से ही है कि पहले की किस्मों में दोबारा संगम देखने को नहीं मिला हालांकि चीन से मिली रही ताजा रिपोर्ट में यह बात कही जा रही है कि अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के बाद भी कुछ लोगों में फिर से संघ में पाया गया है लेकिन पुख्ता तौर पर इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकताlllll

कोरोना वायरस की संक्रमण की चपेट में आने की दो मुख्य बजा है एली बजा है हवा में मौजूद कणों की वजह से होने वाला संक्रमण ए वायरस साथिया काशी के द्वारा बार आता है और ऐसे कांड सास के द्वारा आपके अंदर जाते हैं तो आप को संक्रमित कर देते हैं यही वजह है कि दुनिया के तमाम देशों की सरकारें हमें एक दूसरे से 2 मीटर की दूरी रखने की सलाह दे रही है ताकि संक्रमण को रोका जा सके पहले की दूसरी बजा है जिसमें बारिश के कारण किसी ठोस वस्तु पर चिपक जाते हैं हमारे द्वारा चुने के कारण वह हाथों के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिससे हमें संक्रमण हो जाता है इसलिए साथियों संक्रमण से बचने के लिए हाथों को समय-समय पर साबुन यह साफ करते रहे करते रहे और मुंह पर हाथ लगा कर रखेंll llधन्यवादll

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मध्य प्रदेश राज्य के गुणा जिले से  रेनू शिवहरे निष्ठा स्वास्थ्य वाणी के माध्यम से कहती हैं कि अगर कोई व्यक्ति जो कोरोना वायरस से संक्रमित है और वह छीकते समय अपना हाँथ मुँह पर रखता है एवं उसी हाँथ से किसी जगह या सामान को छूता है, तो वह स्थान या समान भी संक्रमित हो जाता है।

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