कोरोना सहित अधिकांश श्वसन संबंधी संक्रमण आमतौर पर नाक से शरीर में फैलते हैं नाक में वायरस तेजी से मल्टीप्लाई होता है इसके बाद इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी बनाता है एंटीबॉडी खासकर म्यूकोसा को ध्यान में रखकर बनती है ऐसे में जब कोई व्यक्ति द्वारा संक्रमित होता है तो एंटीबॉडी भाई मनीष सेल्स वायरस में जानकर नाक में ही नष्ट कर देते हैं कोरोना के टीके नाक में नहीं मांसपेशियों में लग रहे हैं इससे बनने वाली एंटीबॉडी रक्त के जरिए म्यूकोसा तक पहुंचती है लेकिन है ना को कितना सुरक्षित रखेगी स्पष्ट नहीं है टीके लगवाने के बाद हो सकता है मरीज खुद बीमार ना हो लेकिन दूसरों को संक्रमित कर दे