परिवार को समाज की लघु इकाई कहा जाता है परिवार ही वह प्रासंगिक स्थान है जहां सर्वप्रथम बालक का सामाजिक कारण होता है परिवार के बड़े लोगों का जैसा आचरण और व्यवहार होता है बालक भी वैसा ही आचरण और व्यवहार करने का प्रयत्न करता है
परिवार को समाज की लघु इकाई कहा जाता है परिवार ही वह प्रासंगिक स्थान है जहां सर्वप्रथम बालक का सामाजिक कारण होता है परिवार के बड़े लोगों का जैसा आचरण और व्यवहार होता है बालक भी वैसा ही आचरण और व्यवहार करने का प्रयत्न करता है