भारत देश में पहला लौह इस्पात कारखाना 18 सो 74 में बराकर नदी के किनारे कुल्टी नामक स्थान पर स्थापित किया गया था इसके पश्चात बड़े पैमाने पर 1960 में स्वर्ण रेखा नदी घाटी में साक्षी नामक स्थान पर जमशेदजी टाटा के द्वारा स्थापित किया गया था