व्याकरण बहुत शास्त्र है जो किसी भाषा के स्वरूप को स्पष्ट करता है तथा उसे शुद्ध उपचारित करने लिखने और समझने की विधि बताता है इसके द्वारा भाषा विशेष के विनियम स्पष्ट किए जाते हैं जो श्रेष्ठ एवं सुशिक्षित जनों के भाषा प्रयोग में दिखाई देते हैं व्याकरण के अंतर्गत संज्ञा लिंग वचन कारक सर्वनाम विशेषण क्रिया आदि का वर्णन किया गया है