राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को नालंदा और तक्षशिला जैसी प्रतिष्ठा दिलाने की बातें तो हो रही है, लेकिन जब उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे, तो यह मुकाम कैसे हासिल हो पाएगा। स्थिति कुछ ऐसी ही है। देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं है। यह कमी भी कोई सौ-दो सौ शिक्षकों की नहीं है, बल्कि अकेले केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में ही 14 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं। इनमें सबसे खराब स्थिति केंद्रीय विश्वविद्यालयों की है, जहां फिलहाल शिक्षकों के छह हजार से ज्यादा पद खाली हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

कोरोनावायरस के केस देशभर में एक बार फिर से बढ़ते दिख रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के लोगो के साथ कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ नसीहतों की सूची दी गई है। दावा किया जा रहा है कि आईसीएमआर ने यह एडवाइजरी जारी की है।जब विश्वास न्यूज ने आईसीएमआर की वेबसाइट व तमाम सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले, लेकिन इन पर वायरल एडवाइजरी नहीं मिली।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

भारत में कोरोनावायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. अब कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 11,646,081 हो गई है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो इस दौरान 46,951 कोरोना के मामले सामने आए हैं. अभी सक्रिय केस की संख्या 334,646 है. मौत के आंकड़ों की बात करें तो अब तक कोविड-19 से 159,967 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं पिछले 24 घंटे में 212 लोगों ने इस वायरस की वजह से जान गंवाई है.

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कोरोना वायरस महामारी के चलते देश-दुनिया की रफ्तार थम सी गई है. लेकिन भारत में एक बार फिर कोरोना का प्रकोप बहुत तेजी से पैर पसार रहा है. देश में कोविड19 संक्रमण की नई लहर के कहर ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस बीच लोगों के बीच फिर से लॉकडाउन लगाए जाने की अफवाह तेजी से फैल रही है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

दुनिया के हर पांचवे बच्चे के पास उसकी रोज की जरूरतों को पूरा करने लिए पर्याप्त पानी नहीं है. वैश्विक स्तर पर देखें तो करीब 142 करोड़ लोग उन स्थानों पर रहते हैं जहां पानी की भारी कमी है. इनमें 45 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं. यह जानकारी यूनिसेफ द्वारा 18 मार्च 2021 को जारी विश्लेषण में सामने आई है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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एक तरफ जहां केंद्र सरकार साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कर रही है वहीं दूसरी तरफ साल 2013 के बाद से राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने किसानों की आय को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है. यानि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से किसानों की आमदनी को लेकर कोई सर्वेक्षण नहीं किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड से जुड़े नहीं होने के कारण करीब तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द किए जाने को ‘अत्यंत गंभीर’ मामला बताया और इस मामले पर केंद्र सरकार एवं सभी राज्यों से जवाब मांगा है. शीर्ष अदालत ने नौ दिसंबर, 2019 को वैध आधार कार्ड नहीं होने पर राशन आपूर्तियों से वंचित किए जाने के कारण लोगों की मौत होने के आरोप को लेकर सभी राज्यों से जवाब मांगा था। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।