देश के कोने-कोने में कोरोना वायरस का कोहराम मचा हुआ है. कोरोनावायरस से देशभर में दिन-प्रतिदिन हालात खराब होते जा रहे हैं. भारत के सभी राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. इसके साथ ही फेक न्यूज का प्रसार भी हो रहा है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहली के मुकाबले ज्यादा ताकतवर लग रही है. इसे काबू में करने की कोशिशें नाकाफी साबित हुई हैं. ऐसे में फिर से लॉकडाउन की चर्चा शुरू हो गई है. इस बीच, उद्योग जगत का मानना है कि आंशिक लॉकडाउन भी काफी नुकसानदेह साबित होगी. प्रमुख उद्योग चैंबर के एक सर्वे से इस बात के संकेत मिले हैं. ज्यादातर सीईओ का मानना है कि आंशिक रूप से लॉकडाउन लगाये जाने से श्रमिकों के साथ-साथ वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर की कंपनियां कोरोनावायरस के संकट के दौर में फिर से लेबर माइग्रेशन की चिंता से जूझने लगी हैं. देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस और उसे रोकने के लिए लगाए जा रहे प्रतिबंध और लॉक डाउन की वजह से मजदूरों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है. रेस्टोरेंट्स और रिटेल सेक्टर की बात करें तो मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो चुका है.
विवादित कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ किसानों का आंदोलन का मीडिया में कवरेज होना बंद हो गया हो पर यह आंदोलन अब भी उतनी ही गंभीरता से जारी है. लेकिन किसानों के सामने अब बड़ी समस्या यह है कि उनकी फसले खेतों में तैयार हैं, दूसरी तरफ सरकार आंदोलनकारी किसानों की मांगे माननी तो दूर उनसे बातचीत भी नहीं कर रही है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
कोरोना महामारी भारत में ऐसे समय आई, जब देश में एक दशक में सबसे कम आर्थिक वृद्धि दर्ज की गई थी. पिछले साल तक बेरोजगारी बढ़ रही थी, उपयोग की जाने वाली चीजों पर खर्चा कम हो रहा था, और जनता के लिए किया जाने वाला विकास कार्य स्थिर था. यही तीनों कारक एक साथ यह दर्शाते हैं कि कोई अर्थव्यवस्था कितनी बेहतर है. विभिन्न स्त्रोतों से मिली रिपोर्ट बताती हैं कि गांवों में रहने वाले ज्यादातर असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले और गरीब हो रहे हैं। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
देश में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद बढ़ती पाबंदियों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ.सौम्या स्वामीनाथन ने पूर्ण लॉकडाउन को लेकर चेताते हुए कहा है कि इसके परिणाम भयावह होंगे. स्वामीनाथन ने नागरिकों से कोरोना की दूसरी लहर का सही तरीके से सामना करने की अपील की। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
कोरोना के प्रसार को देखते हुए कई राज्यों में फिर से लॉकडाउन लगना शुरू हो गया है. इस बीच सोशल मीडिया पर मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों के नॉमिनी को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख का क्लेम मिलेगा. मैसेज में लिखा गया है कि अगर कोविड से मरने वालों के खाते से 330 रूपए की राशि का भुगतान सरकार को किया गया है तो वे सभी बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं. सरकार ऐसे परिवारों को 2 लाख रुपए तक का क्लेम दे रही है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार का सासाराम शहर अचानक भड़क उठा है. शहर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चे उस वक्त अचानक उग्र हो गये जब पुलिस उनके कोचिंग संस्थानों को बंद कराने पहुंची. छात्रों ने पुलिस पर हमला कर दिया, कलेक्ट्रेट में घुस कर तोड़-फोड़ करने लगे. साथ वे नारे लगा रहे थे कि अगर इलेक्शन हो रहा है तो पढ़ाई भी होना चाहिए. इस मामले में पुलिस ने 16 छात्रों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
सरकार की सबसे बड़ी किसान योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त का पैसा भेजने की तारीख अब तक तय नहीं हो पाई है. सूत्रों का कहना है कि इस बार एक साथ करीब 10 करोड़ किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. मंत्रालय अपनी ओर से सारा काम लगभग पूरा कर चुका है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेहड़ी-पटरी लगाने वाले छोटे व्यापारी और दुकानदारों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के अंतर्गत 10,000 रुपये तक का लोन रेहड़ी पटरी कारोबारियों को दिया जा रहा है. कोविड-19 से प्रभावित पटरी कारोबारियों को दोबारा व्यापार सुचारु ढंग से चलाने के लिए यह योजना चल रही है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
