लोकपाल के पास इस वर्ष अप्रैल-जून के बीच भ्रष्टाचार की 12 शिकायतें आईं, जिनमें से आठ शिकायतें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ रहीं. हालिया आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020-21 के दौरान लोकपाल को कम से कम 110 शिकायतें मिलीं, जिनमें से चार सांसदों के खिलाफ थीं. हालांकि, यह संख्या 2019-20 में प्राप्त 1,427 शिकायतों के मुकाबले करीब 92 फीसदी कम रही.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस की 2019-20 की रिपोर्ट के अनुसार, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का अनुपात तुलनात्मक रूप से काफी कम है. भारत में कुल 15,07,708 स्कूल हैं, जिनमें से 10,32,570 स्कूल केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित किये जा रहे हैं,84,362 सरकारी सहायता प्राप्त हैं, 3,37,499 गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल हैं, जबकि 53,277 स्कूलों का संचालन अन्य संगठनों एवं संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे एक ग्राफिक्स में खाद्य पदार्थों की एक लिस्ट दी हुई है. इन्हें 10 किलर फूड बताया जा रहा है. इस ग्राफिक्स पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का लोगो भी लगा हुआ है. ऐसा दिखाने की कोशिश की जा रही है कि यह लिस्ट डब्लूएचओ ने रिलीज की है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण विधेयक के एक मसौदे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में दो-बच्चों की नीति का उल्लंघन करने वाले को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने, सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने, पदोन्नति और किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा. राज्य विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या विधेयक-2021 का प्रारूप तैयार कर लिया है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

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सोशल मीडिया पर आये दिन कोई ना कोई खबर या पोस्ट वायरल होती रहती है. जिसमें कुछ सही होती है तो कुछ फर्जी होती है. इसी तरह इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर खूब वायरल हो रही है. वायरल खबर में दावा किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

देश में दशकों से तुअर और उड़द पैदा करने वाले किसान उपज और कीमतों को लेकर हतोत्साहित हैं. वहीं, आवश्यक वस्तु से जुड़े कानूनों में फेरबदल और सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद केंद्र सरकार अब आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों से अलग जाकर तत्काल प्रभाव वाले आदेश जारी कर रही है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।