बिहार राज्य के जमुई जिला के कोइरावा से शिल्पा देवी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताना चाहते हैं कि उनको तीन महीने से राशन नहीं मिला है

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्लूएचओ ने यू—टर्न लेते हुए कहा है कि लक्षण विहीन कोविड-19 मरीजों को आइसोलेशन या क्वारंटीन में रहने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि उनसे वायरस नहीं फैलता। ऑल्ट न्यूज़ ने जब इस तथ्य की जांच की तो पता चला कि किसी ने डब्लूएचओ के वीडियो के साथ छेडछाड कर उसे भ्रामक बना दिया है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

बिहार राज्य के जमुई जिला के चकाई प्रखंड के बामदह पंचायत के बरमसिया गाँव से अंजलि मोबाइल वाणी के माध्यम से चिरौता खाने से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दे रही है

केंद्र सरकार ने इस बार रबी-2020 सीजन में 20 राज्यों से दालें एवं तिलहन खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन आलम ये है कि नौ राज्यों ने खरीदी ही शुरू नहीं की और यहां पर एक भी किसान का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया. वहीं बाकी के 11 राज्यों एक या दो उपज के लिए ही रजिस्ट्रेशन कराया गया और इसमें से भी सभी किसानों से खरीदी नहीं की गई है. आपको बता दें कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले 11.50 लाख से ज्यादा किसानों से खरीदी नहीं की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के कारण देश की एक बहुत बड़ी आबादी को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है. बच्चे भी इन तकलीफों से अछूते नहीं हैं. इस बीच उत्तर-पूर्व के राज्य मिजोरम के बच्चों को मिड-डे मील के तहत अप्रैल से लेकर जून तक खाना पकाने की राशि अभी नहीं मिली है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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दोस्तों,शिक्षक रामबोध कुमार के द्वारा इतिहास विषय में जानेंगे भारत आने वाले महत्वपूर्ण यात्रियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी । तो जल्दी से क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें आज की कड़ी। साथ ही अपने दोस्तों के साथ इस ज्ञानवर्धक कड़ी को साझा करना ना भूलें ।

बिहार राज्य के जमुई जिला के चकाई प्रखंड के बामदह पंचायत के बरमसिया गाँव से अंजलि मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है की, प्रदान संस्था द्वारा इनके गाँव में वृक्षारोपण का कार्य किया जायेगा।

वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर आशा वर्कर्स शुक्रवार से हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर्स की मांग है कि सरकार उनका वेतन 4,000 हज़ार से बढ़ाकर 12,000 हज़ार करे।साथ ही 22 राज्यों में करीब तीन लाख आशा वर्कर्स वेतन बढ़ोतरी, कोरोना से सुरक्षा, जीवन बीमा आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।इससे पहले आशा वर्कर्स 3 जनवरी को हड़ताल पर गई थी। बाद में कर्नाटक सरकार ने इनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया, जिसके बाद इन्होंने अपनी हड़ताल को खत्म कर दिया था।इस प्रदर्शन को “ललकार दिवस” नाम दिया गया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।