सोशल मीडिया पर एक नामी अखबार के सम्पादकीय की कटिंग पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए देश भर में अलग-अलग रेलवे स्टेशन पर तीन हजार भिखारियों को नियुक्त करेगी. इस खबर के वायरल होने के बाद PIB फैक्ट चेक ने इसका खंडन किया है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन से कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं. एक तरफ काम छूटने की पीड़ा ऊपर से इस बीमारी का खौफ. आंकड़ों के अनुसार 2019 में देश के करीब 19.5 करोड़ लोग कुपोषण का शिकार हैं.जोकि देश की आबादी का 14.5 फीसदी हिस्सा है. ऐसे में यह ऑक्सफेम द्वारा प्रकाशित नई रिपोर्ट और भी बुरी स्थिति की ओर इशारा कर रही है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कोरोना महामारी और वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में भारत सरकार के जो प्रयास दिखाए जा रहे हैं वे काफी नहीं हैं. देश में भूख और कुपोषण की समस्या गंभीर होती जा रही है. कार्यपालिका पर नज़र और संसद के अन्य कार्यों के लिए दुनिया के कई देश वर्चुअल या ऑनलाइन संसद के सत्र आयोजित कर रहे हैं. लेकिन केवल हमारे यहां ही सरकार की विवादस्पद नीतियां बिना किसी विधाई जांच और जन प्रतिनिधियों की जवाबदेही के बगैर लागू कर दी गईं हैं. सरकार के इसी रवैए पर चर्चा करने के लिए जनता पार्लियामेंट का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें भारत के जागरूक नागरिकों ने मिलकर जनता संसद बनाई है और वे समस्याओं पर चर्चा करने वाले हैं. खाद्य सुरक्षा एवं पोषण के मुद्दे पर होने वाले ऑनलाइन सत्र में देश के कई जानकार वक्ता एवं अभियान के कार्यकर्ता एवं साथी भाग ले रहे हैं, इस सत्र में गाँव से लोगों ने साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी भेजे हैं. साथ ही कुछ सांसद भी इस सत्र में भाग लेने वाले हैं. आपसे अपील है कि आप भी सोशल मीडिया के जरिए इस संसद का हिस्सा बनें और अपने सुझाव रखें. आप www.jantaparliament.wordpress.com के माध्यम से और फेसबुक पेज https://www.facebook.com/righttofood पर इस कार्यक्रम को लाइव देख सकते है.

आज की कड़ी में शिक्षक पप्पू कुमार राय बता रहे है 'संरचनात्मक परिवर्तन एवं औद्योगीकरण' के विषय में। मनुष्य अब आदिम समाज से आधुनिक समाज में परिवर्तित हो चुके है।आधुनिकीकरण के कारण समाज में कई तरह के बदलाव आ गए है। आधुनिकीकरण ,औद्योगीकरण के कारण ही संभव हो पाता है। औद्योगीकरण सामाजिक संरचना में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी है। विस्तारपूर्वक पाठ के लिए सुनें ऑडियो...

दोस्तों, गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम सुनेंगे जासूसी की कहानी। तो आइये सुनते है गुगली और चमकी की चटपटी बातें। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने इस कहानी को ।

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