आपके पसंदीदा शिक्षक डॉक्टर विजय कुमार गुप्ता आज अर्थशास्‍त्र विषय में विस्तारपूर्वक केंद्रीय बैंक और उसके कार्यो के बारे में समझा रहें है। तो जल्दी से क्लिक करे ऑडियो पर और सुने आज की कड़ी।

राज्‍यसभा में 23 सितंबर 2020 को श्रम कानून से जुड़े तीन अहम विधेयक भी पास हो गए. इन्हें लोकसभा में पहले ही पास किया जा चुका है. ये तीनों श्रम कानून उन चार कोड का हिस्सा हैं, जिन्हें श्रम मंत्रालय ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित करने के लिए तैयार किया था। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

भारत सरकार इन दिनों गोदामों में बढ़ते अनाज की चुनौती से जूझ रही है एक ओर जहां, सरकारी एजेंसी हर सीजन में अनाज खरीदने का लगातार रिकॉर्डतोड़ रही है. वहीं खरीफ के इस सीजन में बंपर उत्पादन होने की संभावना है. इसके चलते चुनौती यह है कि यह अनाज रखा कहां जाएगा? लेकिन दूसरी बड़ी चुनौती यह है कि अगर यह अनाज बाजार में उतार दिया तो कीमतों में जबरदस्त कमी आ सकती है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

राजनितिक विज्ञान विषय के शिक्षक डॉक्टर एन.के. शर्मा आज की कड़ी में भारत और रूस के सम्बन्ध के बारे में बताया। इसे विस्तारपूर्वक पाठ सुनने के लिए क्लिक करे ऑडियो पर...

संसद में तथाकथित कृषि सुधार विधेयकों के पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के निर्णय को मंजूरी प्रदान की. सरकार ने गेहूं का एमएसपी 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

पिछले छह सालों में कई विधानसभा चुनावों के दौरान विभिन्न पार्टियों द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के वादे के बाद 10 राज्यों ने करीब 1.12 लाख करोड़ रुपये का कृषि कर्ज माफ नहीं किया है.इतना ही नहीं, आंशिक कृषि कर्ज माफी के बावजूद किसानों पर ऋण का भार बढ़ता ही जा रहा है और किसानों द्वारा कर्ज लेने की राशि में साल दर साल बढ़ोतरी हुई है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

जब 2019 के संसदीय चुनावों के परिणाम घोषित किए गए थे, तभी से दिल्ली दंगों की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपियों के तेवर हिंसा भड़काने वाले थे। चुनावी परिणामों के बाद से ही उनके दिमाग में हिंसा पनपनी शुरू हो गई थी। ये बात कही गई है दिल्ली पुलिस द्वारा दंगों की साजिश के केस में यूएपीए (UAPA) के तहत 15 लोगों के खिलाफ दायर की गई 2,695 पन्नों की चार्जशीट में। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

देश में पिछले 10 वर्षों में सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 631 लोगों की जान गई है. सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में यह जानकारी दी गई है. राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सीवर और सेप्टिक टैकों की सफाई के दौरान 2010 से मार्च 2020 के बीच हुई मौतों के संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में यह जानकारी दी है। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें। 

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पूरे देश में इस समय किसान आंदोलन चल रहे हैं. नए कृषि विधेयक से देश के अधिकांश किसान खफा हैं. और सबसे ज्यादा परेशानी इस बात की है कि नए कानून के बाद मंडियों का अस्तित्व खत्म हो सकता है. देश में 86.2 फ़ीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है और इनमें से औसतन एक किसान के लिए मंडी की दूरी तकरीबन 450 किलोमीटर जबकि नेशनल कमीशन एग्रीकल्चर फ्रेमवर्क ने यह सुझाव दिया था कि एक किसान और मंडी के बीच की दूरी 80 किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।