दोस्तों, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना की शुरूआत केन्द्र सरकार ने साल 2009 में की थी. इस योजना की देखरेख का जिम्मा केंद्र सरकार की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास मंत्रालय के पास है. और मंत्रालय ने राज्यों के सामाजिक न्याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग के जिला और ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों को ये जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने क्षेत्र के जरूरतमंद दिव्यांगों को इस योजना का लाभ दिलवाएं. क्या आपके पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं? अगर ऐसा है तो क्या गांव के मुखिया या फिर प्रखंड पदाधिकारी आपकी मदद कर रहे हैं? यदि आप राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं लेकिन उसमें दिक्कत आ रही है तो इसके बारे में हमसे बात कर सकते हैं.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश में 3.5 करोड़ लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है. अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो हर जिले में प्रखंड स्तर पर आरटीपीएस कार्यालय में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस काम के लिए अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं. क्या आपके पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं? अगर ऐसा है तो क्या गांव के मुखिया या फिर प्रखंड पदाधिकारी आपकी मदद कर रहे हैं? यदि आप राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं लेकिन उसमें दिक्कत आ रही है तो इसके बारे में हमसे बात कर सकते हैं.

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के कारण प्रतिदिन राशन की समस्याओं से जूझ रही देश की लगभग 80 करोड़ आबादी को राहत देने के लिए 26 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की थी. ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें