कोरोना संकट के बीच अफवाहें फैलने का काम लगातार जारी है. कुल लोगों का मजाक आम नागरिकों पर भारी पड रहा है।आए दिन सरकारी निर्देशों का हवाला देकर नए-नए मैसेज वायरल हो रहे हैं और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारत में पांच साल से कम उम्र के 68 प्रतिशत बच्चों की मौत की वजह बच्चे और उसकी मां का कुपोषण है जबकि 83 प्रतिशत शिशुओं की मृत्यु की वजह जन्म के समय कम वजन और समय पूर्व प्रसव होना है. यह खुलासा ‘इंडिया स्टेट लेवल डिज़ीज बर्डन इनिशिएटिव’ नामक एक रिपोर्ट में किया गया है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
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लॉकडाउन 3 खत्म होने वाला है और देश की जनता सरकार का अगला कदम जानने के लिए बेताब है. और इसी बेचैनी का फायदा उठाकर कुछ लोग भ्रामक समाचार फैला रहे हैं. जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने लॉकडाउन खोलने का रोडमैप तैयार कर लिया है. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
लॉकडाउन के दौरान ज्यादा से ज्यादा प्रवासियों को घर पहुंचाने के प्रयास में रेलवे ने अब ‘श्रमिक विशेष’ गाड़ियों में 1200 की जगह करीब 1700 यात्रियों को भेजने का निर्णय किया है. इसके साथ ही ये सभी ट्रेनें तीन स्टेशनों पर रूकेंगी.
जब से केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कमर्चारियों को महंगाई भत्ता ना देने की बात कही है तब से आए दिन नई—नई अफवाहें फैल रही हैं. पहले खबर फैलाई गई कि सरकार केन्द्रीय कर्मचारियों को 70 फीसदी सैलरी नहीं देगी और पेंशन धारकों की पेंशन में भी कटौती की जाएगी. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
दोस्तों,गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम जानेंगे ,बच्चों ने गड्डे में गिरे बछिया को बाहर निकालने के लिए किस तरकीब का उपयोग किया। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने वो तरकीब।
कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के बीच बहुत सारी कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी है। ऐसे में तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात सरकारों ने लेबर लॉ में बदलाव किया है। इससे सभी मजदूर परेशान हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में उन्हें लेबर का शोषण होने का शक है। अभी नियम काफी सख्त हैं, लेकिन फिर भी कई कंपनियों में मजदूरों का शोषण होता है, जिससे मजदूर परेशान हैं। ऐसे में ट्रेड यूनियन इसलिए विरोध कर रही हैं कि नियम आसान हो जाने से कंपनियां और फैक्ट्रियां पहले से भी अधिक शोषण करेंगी।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
