दोस्तों मानव शरीर के निर्माण में भोजन एक महत्वपूर्ण तत्व है। प्रकृति ने कई प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाए हैं जो महत्वपूर्ण और आवश्यक पोषक तत्वों से युक्त कोशिकाओं और शरीर के ऊतकों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं, तभी तो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन करने की आवश्यकता होती है। साथियों, दुनिया भर में दूषित भोजन खाने से लाखो लोग मौत मुंह में समां जाते हैं।यह दिवस लोगों को याद दिलाता है कि शुद्ध और सुरक्षित भोजन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और यह सभी लोगों का अधिकार भी है। हर साल UN फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) एक थीम निर्धारित करता है जिसके तहत विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।इस वर्ष World Food Safety Day 2024 की थीम है, ‘सुरक्षित भोजन बेहतर स्वास्थ्य’. तो साथियों आइए हम सब मिलकर विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाये और हर दिन शुद्ध और सुरक्षित भोजन का सेवन करें। धन्यवाद !!

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से रिंकू कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उनके गांव में पानी का जलस्तर काफी कम होने के कारण कुआँ सुख गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि वे लोग नल जल योजना का पानी इस्तेमाल करते है, लेकिन उसमे भी बानी की बहुत समस्या होती है

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में।

हर साल 5 जून का दिन दुनियाभर में विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1972 में पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी। प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए पर्यावरण दिवस को मनाया जाता है. इस दिन लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक किया जाता है और प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है.हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के लिए एक अलग थीम निर्धारित की जाती है। इस वर्ष (2024) विश्व पर्यावरण दिवस की थीम है, "भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण, और सूखा लचीलापन।" यह स्वस्थ भूमि को वापस लाने,और पानी की कमी का प्रबंधन करने से जुड़ा है ।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला से शंम्भु प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि अभी पानी के लिए मारा मारी का दौर आ गया है । कही का बोरिंग ख़राब हो गया है ,जलस्तर नीचे पहुँच गया है। बहुत समस्या है। कई लोग नल जल योजना क=वाले में ही अपना मोटर लगा कर पानी लेने लगे है। आज कल बारिश कम होने के कारण और जल दोहन के कारण जलस्तर नीचे पहुँच गया है। हर एक व्यक्ति को जल का मूल्य समझना चाहिए और बेवजह पानी का बर्बादी नहीं करना चाहिए

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला से शंम्भु प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि सत्ता में विपक्ष का होना अति आवश्यक है। राजनीतिक पार्टियाँ केवल मनलुभावने वादे के साथ आते है। लेकिन काम के नाम पर कुछ नहीं दिखता है।

दिल्ली मोबाइल वाणी के माध्यम से शुभम कहानियां सुनना चाहते है

दोस्तों , सूरज की तपन बढ़ रही है और प्यास है कि खत्म होने का नाम नहीं लेती! हमें बताएं कि आपके क्षेत्र में पीने के पानी का साधन क्या है? क्या आप प्राकृतिक स्त्रोतों, जैसे कुएं, तालाब, पोखर से पानी लाते हैं? अगर आपके क्षेत्र में पानी के प्राकृतिक स्त्रोत नहीं हैं तो क्या पानी के लिए बोरवेल लगवाया है? या फिर पानी की सप्लाई हो रही है? क्या आपको पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है? अगर ऐसा है तो इससे आपके लिए कितना आर्थिक खर्च बढ़ गया है? क्या पंचायत या नगर पालिका क्षेत्र के प्राकृतिक पानी के स्त्रोतों को बचाने का काम नहीं कर रही है? क्या आपमें से कोई व्यक्ति ऐसा है, ​जो पानी के स्त्रोतों को बचाने की कोशिश कर रहा है? अगर है तो उनके प्रयासों के बारे में बताएं. अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

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