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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से उर्मिला कुमारी हुई। ये कहती है कि बहुत महिलाएं अब भी पिछड़ी हुई है क्योंकि घर के पुरुष ही उन्हें आगे बढ़ने नहीं देते है । महिला चाह कर भी आगे नहीं बढ़ सकती है और घर के काम काज में महिला उलझ कर रहती है।
यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गयी मल्टी टास्किंग नॉन टेक्निकल के 4887 और हवलदार के 3439 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी बोर्ड से दसवीं पास किया हो , इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 27 वर्ष होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.sarkariresult.com/ssc/ssc-mts-2024/ .याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 /07/2024 है ।
बिहार राज्य के नालंदा जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता संगीता कुमारी ने पप्पु कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भी जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए। माता-पिता को अपने बेटा--बेटी दोनों को ही जमीन पर हक देना चाहिए। समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। अगर लोग इस तरह के कार्यक्रम सुनते रहेंगे तो समाज की सोच में बदलाव जरूर आयेगा
बिहार राज्य के नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से आस्था कुमारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को भी उनका अधिकार मिलना चाहिए, महिलाओं को पुरुष के बराबर मान सम्मान मिलना चाहिए। जिससे की वे सशक्त बनेंगी।
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बिहार राज्य के नालंदा जिला के नूरसराय प्रखंड से शंभुशरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लोग ये चाह रहे हैं कि जमीनी हक़ महिलाओं को मिलने से उन्हें तो फायदा होगा। लेकिन लोगों का यह भी कहना है कि महिलाओ को जमीन पर अधिकार देने से पारिवारिक झगड़ा को हवा मिलेगी और घरों में झगड़ा बढ़ेगा।
बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड के माधवपुरडीह से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विमली देवी से हुई। ये बताते है कि महिलाओं को घर से बाहर निकल कर काम करना चाहिए। जब ससुराल आई तो ये भी कुछ काम करना चाहती थी ,जब भी ये पति से सलाह मश्वरा लेती थी तो पति ने इन्हे आज़ादी नहीं दिया। पति इन्हे आगे नहीं बढ़ने दिए। जब तक पति थे घर तक ही सीमित रह गए। अब पति के मृत्यु हो जाने के बाद उनके पास करने के लिए कोई काम नहीं है। महिला को आगे बढ़ना चाहिए पर पति द्वारा साथ नहीं मिलता है
बिहार राज्य के नालंदा ज़िला से चंडी प्रखंड के माधवपुरडीह से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से बिब्ली देवी से हुई। ये बताती है कि महिलाओं को जमीन में अधिकार होना चाहिए। लेकिन महिलाओं को अधिकार नहीं मिल रहा है। कारण ये है कि महिला घर में ही रह जाती है। क्योंकि पति अधिकारी होकर महिला को आगे बढ़ने नहीं देते है। महिलाओं को अपना अधिकार माँगना चाहिए। महिला अपने अनुसार काम कर के खुश रहती है
