दुनिया में जितने लोग जीविका चलाने के लिए जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर पूरी तरह से निर्भर हैं उनमें आधे से ज्यादा आबादी महिलाओं की है। जमीन का अधिकार, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाता है। वे अपनी जमीन पर खेती कर सकती हैं, उससे कमाई कर सकती हैं, और अपनी ज़रूरतों को पूरा कर सकती हैं। जमीन का अधिकार, महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करता है। जब महिलाओं के पास जमीन होती है, तो उन्हें समाज में अधिक सम्मान मिलता है। वे अपने परिवार और समुदाय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भाग ले सकती हैं। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खेती किसानी किसानी का मुख्य हिस्सा हैं, इसके बदले में उन्हें किसी प्रकार कोई लाभ नहीं मिलता है। अगर कोई अधिकार उन्हें मिले , तो वह क्या होना चाहिए जिससे उनका जीवन बेहतर हो सके। *----- महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों तक पहुंच बनाने से ग्रामीण विकास को कैसे बढ़ावा मिल सकता है? *----- महिलाओं को उनके अधिकार उन्हें मिले और गाँव के विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीक का उपयोग कैसे किया जा सकता है? सामाजिक तौर पर क्या ऐसे क्या क्या प्रयास किये जाने चाहिए जिससे महिलाओं को ज़मीं पैर अधिकार यानी उनके नाम पर और मालिकाना हक़ हो ?

बिहार राज्य के नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को भी संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए।क्योंकि महिलाएं सभी क्षेत्र में पुरुष की बराबरी कर रही हैं

बिहार राज्य के नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुधांशु कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को पिता के संपत्ति में बराबर अधिकार होना चाहिए, क्योंकि महिला भी पुरुष से हर कार्य में आगे हैं

बिहार राज्य के नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सूरज कुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को पिता के संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए

बिहार राज्य के नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड से आकांक्षा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राधा कुमारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को भी जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को अपना अधिकार पाने के लिए आवाज़ उठाने की ज़रुरत है।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के चंडी प्रखंड से रूपा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुष्मिता कुमारी से हुई। ये कहती है कि महिलाओं के नाम से जमीन होना चाहिए। सुष्मिता के नाम से भी जमीन है ,इनके पति ने जमीन दिलाने में सहमति जाहिर किया था। इनके घर में किसी को इनके नाम से जमीन होने पर आपत्ति नहीं हुई। अगर महिला के नाम से जमीन रहेगी तो वो आगे के समय में किसी भी परिस्थिति में आत्मनिर्भर रहेगी

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बिहार राज्य के नालंदा जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता संगीता कुमारी ने चंदन कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को संपत्ति पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे समाज में भेदभाव खत्म होगा। इसके साथ ही उनका मान सम्मान भी बढ़ेगा। भविष्य में अगर उन्हें कोई काम नहीं मिला तो उस जमीन पर काम कर या कुछ और व्यवस्था कर मुश्किल समय में गुजर-बसर आसानी से कर सकती हैं। महिलाओं और समाज में इस विषय के प्रति जागरूकता की कमी हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है

बिहार राज्य के नालंदा जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता संगीता कुमारी ने तलत कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलायें अपने अधिकारों के बारे में नहीं जानती है। इसलिए वो कभी आवाज नहीं उठाती है

बिहार राज्य के नालंदा जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता संगीता कुमारी ने अस्मीता कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को अपने अधिकार के लिए खुद आगे आ कर आवाज उठानी पड़ेगी। क्योंकि अधिकार मिलेगा तो ही उनका भविष्य सुरक्षित और बेहतर होगा। इसके साथ ही समाज से लड़का-लड़की का भेदभाव भी खत्म हो सकता है, समाज के सोच में बदलाव इस कार्यक्रम के जरिये आ सकता है।