बिहार राज्य के जिला नालंदा से रिंकू कुमारी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि गर्मी बहुत बढ़ गई है। इसलिए सरकार अप्रैल में ही गर्मी की छुट्टी देती है, स्कूल को सरकारी स्कूल में गर्मी की छुट्टी मिलती है और स्कूल मई-जून में खुलते हैं। गर्मी में बच्चों को स्कूल नहीं बुलाना चाहिए।
बिहार राज्य के नालंदा के नगरनौसा से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बच्चों का गुस्से में बहुत प्रभाव पड़ता है। बच्चो पर गुस्सा करने से उनके मन में यह लग जाएगा की उन्होंने डांट सुना। इसलिए अगर खेल खेल में बच्चे से गलती होती है तो उन्हें प्यार से समझना चाहिए। ऐसे समय में बच्चे अच्छे से सीखेंगे। अगर खेल में सामान टूट गया और उनपर गुस्सा करने से बच्चों में झिझक होगी और आगे भी गलती करने पर झूठ बोलेंगे। इसीलिए प्यार के ही भाषा से बच्चों को समझना चाहिए। शम्भू ने कभी अपने बच्चों को डाँटा नहीं ,हर गलती होने पर माफ़ कर देते है या समझते है। उनके बच्चों की बौद्धिक विकास अच्छी हुई है
बिहार राज्य के नालंदा से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि मैं कुछ भी कर सकती हूँ कार्यक्रम से पता चला कि अगर एक महिला समाज में बदलाव लाना चाहती है तो किस तरह से बदलाव आता है और एक बेटी कितने घर को संभल सकती है ,इसका अच्छा उदहारण धारावाहिक में मिलता है। कार्यक्रम में अकेले डॉ स्नेहा माथुर ने लोगों को जागरूक किया। समाज में अगर प्रत्येक लोग जागरूक हो और अपना कर्तव्य याद करे तो भारत बदलेगा
बिहार राज्य के नालंदा से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि समाज बहुत बदला है लेकिन अब भी महिलाओं का उनके नाम से पहचान नहीं है । 20 से 25 प्रतिशत लोग ही ऐसा करते है। लोगों ,खास कर पुरुषों को जागरूक होना पड़ेगा कि महिलाओं को उनके नाम से पहचान मिले
बिहार राज्य के नालंदा से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि गाँव आजीविका और हम कार्यक्रम में जो जामुन की फसल में कीट नियंत्रण की जानकारी दी गई ,वो बहुत अच्छी लगी। अभी जामुन की खेती की जाएगी और किसानों की इससे लाभ होगा
बिहार राज्य के जिला नालंदा से रिंकू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि मोबाइल वाणी के कार्यक्रम सुनकर अच्छा लगता है
बिहार राज्य के नालंदा जिला से शम्भू प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गाँव आजीविका और हम कार्यक्रम के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक के द्वारा बहुत ही अच्छी जानकारी दी जा रही है
बिहार राज्य के नालंदा जिला से शम्भू प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि घर के काम को पुराने ज़माने से महिलाओं की ज़िम्मेदारी ही समझी जाती है। लेकिन अब इस सोच को बदलने की आवश्यकता है। घर के काम में पुरुष को भी हाथ बटाने की आवश्यकता है, जिससे की महिलाओं को बराबर का अधिकार मिल सके
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बिहार राज्य के जिला नालंदा से शम्भू प्रसाद , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि जिसमें महिलाओं को पालन-पोषण और रक्षक के रूप में देखा जाता है। इसके लिए राहुल गांधी ने सवाल उठाया है कि इसका मतलब है कि उन्हें घर के काम के लिए भुगतान नहीं किया जाता है, तो लोगों को इसका समर्थन करना चाहिए । वह घर का काम करती है, तो पुरुष उसका सम्मान नहीं करते जैसे वे सोचते हैं कि यह उनका अधिकार है, लेकिन यह उनका अधिकार नहीं बल्कि महिलाएं अपने कर्तव्य को समझती हैं, इसलिए वे काम करती हैं और इसके लिए पुरुष वर्ग को भी आगे आना चाहिए। अगर महिलायें बाहर काम करती है तो पुरुष को भी घर में खाना बनाने में उनकी मदद करनी चाहिए।
