ग्रेजुएशन के बाद 2011 में मनोज ने नौकरी की तलाश शुरू की. एक इंटरव्यू के बाद दूसरा, फिर तीसरा और फिर अस्वीकार होने का लंबा सिलसिला... 25 इंटरव्यू और 25 बार की अस्वीकृति…. एक इंसान को तोड़ने के लिए इतनी असफलताएं काफी थीं. इस घटना ने मनोज को निराश कर दिया और उन्होंने नोएडा की एक कंपनी में फील्ड बॉय शुरू कर दिया. काम के बदले उन्हें केवल 2 हजार रुपए मिलते थे.. लेकिन ये मनोज का सपना नहीं था. आखिर उन्होंने घर वापसी का टिकिट खरीदने के लिए पैसों का इंतजाम शुरू कर दिया. आपको क्या लगता है मनोज ने अब क्या किया होगा? जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें
