मै कन्हैया राम ग्राम बभन गांवा से मोबाइल वाणी न्युज एक्सप्रेस कैमूर के सभी श्रोताओ को नमस्कार आज देख रहे है की लगातार कुहरे के साथ कड़ाके की ठंडी टमाटर की खेती की गई फसलों पर दुष्प्रभाव पड़ा है जिसके कारण टमाटर की फल से डाली सुखती जा रही है

Sita ram

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मैं शारदा देवी बेलाव गांव के निवासी हूं आज बेलाव गांव में राम मंदिर के निर्माण पर जुलुस निकाला गया है और बहुत लोग थे और नाचते गाते लोग जुलुस में सामिल रहे। धन्यवाद

प्रखंड क्षेत्र स्थित हररी पंचायत के बोदरियाही गांव के डीहबार बाबा के प्रांगण में शिव लिंग,पार्वती,कार्तिक,गणेश ,नंदी सहित अन्य मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रविवार को 158 कन्याओं और महिलाओ के द्वारा कलश शोभा यात्रा प्रखंड प्रमुख मंजुला देवी के अगुआई में निकाली गई।कलश यात्रा बोदरियाही गांव के डीहबार प्रांगण से चलकर तिलयूगा नदी में जल भर कर पुनः डीहबार बाबा के प्रांगण के स्थापित किया गया।स्थानीय पुरुषोत्तम यादव ने बताया सभी प्रतिमा में सोमवार को भारतीय समय अनुसार 9 बजे हिंदू वैदिक पद्धति के अनुसार किया जाएगा। इस अनुष्ठान को लेकर गांव में खुशी का माहौल व्याप्त है। बताया इस कार्यक्रम के वाद भगैत लोक गाथा का आयोजन किया जाएगा साथ ही 151 कुंवारी कन्याओं को भोजन कराने के बाद दान दक्षिणा दे कर बिदा किया जाएगा। उधर अयोधा में राम लला के गृह प्रवेश को लेकर प्रखंड क्षेत्र के भलूआही में अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन किया गया है मौके पर हररी पंचायत के मुखिया कबिता देवी,पैक्स अध्यक्ष राज नारायण निराला सहित समस्त ग्रामीण मौजूद थे।

भाजपा परिवार के सदस्यों नें सार्वजनिक दुर्गा मंदिर प्रतापगंज में मनाया दीपोत्सव। प्राण-प्रतिष्ठा से उत्साहित लोगों ने इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

अजयगढ़ के गहलोत पूर्व गांव में एक किसान के खेत के कुएं में 12 फीट लंबा अजगर जंगली से आ गया जिससे लोगों में दहशत फैल गई

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में किया जाए रितु वर्मा के साथ में छुआछूत जातिवाद केवल को लेकर के अत्याचार जिसको लेकर के देश के समस्त स्ट ओबीसी के लोग पहुंचे उन्हें न्याय देनालय के लिए पुलिस ने डिटेल करके रखा है यह सरकार की तानाशाही रवैया देखते हुए बहुत गंदी हरकतें कर रही है पुलिस

रबी फसलों की निर्भरता पूरी तरह मौसम पर आधारित है। मौसम यदि अनुकूल रहा तो पैदावार अच्छी होती है और यदि मौसम का साथ नहीं मिला तो उपज प्रभावित होती है। इस बार की मौसम रबी फसल खासकर गेहूं के लिए शुरुआती दिनों में उपयुक्त नहीं रहा। खासकर दिसंबर में ठंड नहीं बढने के कारण फसल अच्छी नहीं रही। अब जब जनवरी माह में ठंड बढी है तो किसान थोड़े खुश दिख रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र राघोपुर के पूर्व कृषि विज्ञानी डा. मनोज कुमार कहते हैं कि रबी फसलों के लिए शुरूआत में समय संतोषजनक नहीं रहा। मौसम की प्रतिकूलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दिसंबर में शीतलहर नहीं चली। अब मौसम गेहूं के अनुकूल हुआ है। हालांकि शीतलहर 7 डिग्री से नीचे तापमान रहने पर ही माना जाता है। बावजूद किसानों की उम्मीदें गेहूं की पैदावार को लेकर बढ़ने लगी है। इसके लिए जरूरी है कि समय-समय पर किसान फसलों की देखरेख करता रहे। खासकर गेहूं के लिए समय से पटवन की अति आवश्यक होती है। विज्ञानी के अनुसार गेहूं की फसल के लिए मौसम अभी अनुकूल है। ऐसी स्थिति में सिंचाई के बाद उर्वरक के रूप में प्रति एकड़ 40 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग करना चाहिए। किसान दानेदार यूरिया की जगह नैनो यूरिया का भी प्रयोग कर सकते हैं। खरपतवार नियंत्रण के लिए गेहूं में चौड़ीपट्टी के लिए दो-चार डमीसाल्ट 58 प्रतिशत को 400 मिली लीटर पानी में प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करना चाहिए। फसल की पहली पटवन 21 से 22 दिनों के अंदर निश्चित रूप से कर देना चाहिए।