प्रखंड खुटौना, जिला मधुबनी से चंदेश्वर राम चंदू जी ने मोबाइल वाणी को बताया कि खुटौना पंचायत की मुखिया प्रत्यासी उर्मिला देवी ने कहा कि जिस तरह समाज में शराब पर प्रतिबन्ध लगा है,उसी तरह से समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा पर भी रोक लगे। उन्होंने कहा कि शराब की तरह दहेज़ भी एक सामजिक बुराई है और जिस तरह से महिलाएं आवाज बुलंद की और शराब पर बंदी का लाभ महिलाओं को मिला है उसी तरह से दहेज़ प्रथा पर रोक लगने पर लाभ महिलाओं को ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि दहेज़ प्रथा पर पहले से ही कानून में प्रावधान है बस जरुरत है तो उसे शख्ती से लागु करने की और इसके लिए भी महिलाओं को ही आगे आना होगा।साथ ही इसमें जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सहयोग करना होगा। पुरुष प्रधान हमारे समाज में पुरुषवादी मानसिकता का शिकार अक्सर महिलाओं को ही होना पड़ता है।लड़के और लड़कियों में भेदभाव परिवार से ही उत्पन्न होती है इसलिए समाज में लैंगिक समानता के लिए जागरूकता जरुरी है। श्रीमती उर्मिला देवी ने कहा कि समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा के लिए महिलाए ही दोषी हैं, अगर महिलाएं इसे विरोध करें तो इस सामाजिक कुरीति का अंत हो जायेगा। चूँकि समाज में लैंगिक भेदभाव का मुख्य कारन दहेज़ ही है। अतः दहेज़ प्रथा पर रोक से ही महिलाओं पर हो रही अत्यचार रुकेगी।
