मधुबनी,खुटौना से चंदू जी कहते है कि सरकार कहती आ रही है कि नारी शक्ति मजबूत हो पर आज कल का हालात देखा जाए तो देश के अंदर हज़ारो के तादाद मे महिलाओ के साथ अपराधिक घटनाए घट रही है .अक्सर ऐसे समाचार आते है कि महिलाओ के आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे है ,लेकिन क्या इस तरह की प्रशिक्षण से हालात बदल जाएँगे ? एक समय ऐसा था जब स्त्रियो का परिवार में एक महत्वपूर्ण पद था पर धीरे-धीरे हालात बदल गये ओर लड़कियो को परिवार का बोझ माना जाने लगा. महिलाओ को सम्मान देने के लिए केवल क़ानून बनाने से कुछ नही होगा बल्कि क़ानून पर अमल करने की बात है,ताकि नारी शक्ति को सम्मान मिल सके . इसी तरह अाप भी बांट सकते है अपने विचार एवं अनुभव,हमारे निशुल्क 08800984861 पर मिस्ड कॉल दे कर.