जिला दरभंगा,से सोनी कुमारी बिहार मोबाईल वाणी के माध्यम से कहती है की हमारे देश में बहुत सारे गाँव है जो विकसित नहीं हुए है और इन गाँवो में अभी भी LPG गैस की जगह चूल्हा का उपयोग किया जाता है और चूल्हे पर खाना बनाना महिलाओं को सुविधाजनक लगता है वे सोचती है की चूल्हा जलाने पर कोई नुकसान नहीं होगा और पैसे भी बच जायेंगे और गाँवो में अत्यधिक जंगल और पेड़-पौधे होने के कारण जलावन की लकड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है लेकिन उन्हें नहीं पता की कभी-कभी लकड़ी जलाना कितना भारी पड़ सकता है गर्मी के मौसम में आग चूल्हा पर खाना बनाने लालटेन,दिया जलाने से लगता है जैसे की महिलायें खाना बनाकर आग को बुझा देती है लेकिन आग पूरी तरह से नहीं बुझता है उसके छोटे-छोटे कण रह ही जाते है और हवा के झोको से उड़कर किसी झोपडी के सम्पर्क में आते ही आसानी से आग लग जाती है में लग जाते है इसी तरह आँधी या तूफान आने से दिया या लालटेन पलट जाती है जिसके कारण घरो में आग लग जाती है इसलिए गाँव के लोगो को बहुत सावधानी से रहना चाहिए कहीं भी आग दिखने पर उसे बुझा देना चाहिए
