दरभंगा से लक्ष्मण मुख्या बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की बच्चे की ज़िद कई प्रकार के होते है और हर ज़िद को पूरा करना संभव नहीं होता। इन्होने एक वाक्या का जिक्र करते हुए बताया की उनका बच्चा किस तरह एक टूटे खिलौने की ज़िद कर रहा था और अंत में उसे लेकर ही चुप हुआ