श्रीकांत लाल मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि छोटे समय में वे कैसे गुल्ली और डंडे का खेल खेला करते थे। जिसको अभी GGSS के अंतर्गत सुनते हैं।
श्रीकांत लाल मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि छोटे समय में वे कैसे गुल्ली और डंडे का खेल खेला करते थे। जिसको अभी GGSS के अंतर्गत सुनते हैं।
Comments
GGSS बहुत ही प्रिय लगा,बिहार मोबाईल वाणी के टीम से अनुरोध किया की वे भी एक टीम बना कर GGSS के बारे में बच्चो को बताए।
Nov. 20, 2014, 6:16 p.m. | Location: 137: BR, Darbhanga | Tags: int-GGSS int-GGSSCamp1 edutainment | Category: Education