महेंद्र मंडल जी दरभंगा से बिहार मोबाइल वाणी के द्वारा बोले दिल की बात पर अपना अनुभव साझा किये है जिसमे बताये है कि पतंग उड़ाना भी एक कला है, चाहे जाडे हो या गर्मी पतंग उड़ाने का मजा अनोखा है,सिर्फ बच्चे ही नही बल्कि जवान भी इसका मजा लेते है और बड़े ही सावधानी पूर्वक आसमान में पतंग उड़ाते है साथ ही देखते भी है की कहाँ तक पतंग गया है ,जब पतंग आसमान की छोर तक पहुँच जाते है तब उसे समेटने का प्रयास करते है। अगर समेटने में गलती होती है तो धागे काट जाता है और पतंग उड़ जाता है तो बड़ा ही रोमांचक होता है और अगर समेट लेते है तो उससे बहुत ही आनंद होता है